बैंक की शाखाओं में कोरोना वायरस के अटैक से अफसरों और कर्मचारियों में भय का माहौल है। हर शाखा को रोजाना सैनिटाइज करने समेत अन्य इंतजाम की मांग की गई है। इसके अलावा ग्राहकों के लिए एक बार फिर से गाइडलाइन जारी की गई है। सिविल लाइंस स्थित निजी बैंक में डेढ़ दर्जन से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं। इनसे पहले एक सरकारी बैंक के कई अफसर और कर्मचारी कोविड-19 की चपेट में आ चुके हैं। वहीं, एक अन्य बैंक के दो कर्मचारियों के भी पॉजिटिव होने की बात सामने आई है। इस तरह से लगातार बैंक कर्मियों के संक्रमित होने से कर्मचारियों में भय व्याप्त है।
महीने के पहले सप्ताह में शाखाओं में भीड़ और बढ़ गई है। ऐसे में खतरा और बढ़ गया है। ऐसे में कर्मचारियाें की ओर से रोजाना सैनिटाइजेशन, सभी को मास्क दिए जाने, बिना मास्क किसी ग्राहक को परिसर में प्रवेश नहीं देने, अधिकतम पांच लोगों को ही प्रवेश दिए जाने समेत अन्य निर्देशों को कड़ाई से लागू करने की मांग की गई है। पंजाब नेशनल बैंक के शशिकांत श्रीवास्तव और इंडियन बैंक के मदनजी उपाध्याय का कहना है कि इसके लिए प्रबंधन को लिखा गया है। इसके लिए सभी शाखा में यूनियन के प्रतिनिधियों को भी इसे सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है।
इसके अलावा प्रबंधन की ओर से भी कई कदम उठाए गए हैं। एसबीआई की त्रिवेणी शाखा में सोमवार को जांच और सैनिटाइजेशन के बाद ही ग्राहकों को प्रवेश दिया गया। उनसे आने का कारण भी पूछा जा रहा था। इंडियन बैंक और पंजाब नेशनल बैंक की सिविल लाइंस शाखा में भी इसी तरह का माहौल रहा। अफसरों का कहना था कि ज्यादातर शाखाओं में इस तरह की व्यवस्था लागू की गई है।
65 वर्ष से अधिक उम्र के ग्राहकों की भीड़
0 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों तथा 65 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों को कोरोना का अधिक खतरा है। इसके मद्देनजर इन्हें घरों में ही रहने की सलाह दी गई है। इसके विपरीत बैंकों में पहुंचने वालों ग्राहकों में ऐसे बुजुर्गों की संख्या अधिक है। इन दिनों पेंशनर्स की कतार और लंबी हो गई है।