69000 शिक्षक भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों ने बुधवार को जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर ठप पड़ी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की। अभ्यर्थियों का कहना है कि कुछ लोगों के चलते पूरी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को विवादित बनाकर उसे रोके रहने से परेशानी बढ़ रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह कोर्ट में पैरवी के लिए अच्छे अधिवक्ताओं का पैनल लेकर बहस करें।
चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि 68500 शिक्षक भर्ती के नियमों को नई भर्ती से जोड़ने का कोई अर्थ नहीं है। अभ्यर्थियों का कहना था कि 2018 की शिक्षक भर्ती में स्पष्ट था कि यह नियम इसी भर्ती के लिए लागू होंगे, ऐसे में पुरानी भर्ती के नियम नई भर्ती में थोपने का क्या औचित्य है। चयनित अभ्यर्थियों ने सरकार की ओर से शिक्षक भर्ती के कटऑफ में हुए बदलाव का समर्थन किया।