गड़बड़ी पर हाईकोर्ट में भी याचिका दाखिल
नगर निगम के विद्युत विभाग की ओर से महाकुंभ में की गई तमाम अनियमितताओं के खिलाफ हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की गई है, हालांकि अभी यह लिस्टेड नहीं है। समाजसेवी सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि जनहित याचिका में कोर्ट से अनियमितताओं पर संज्ञान लेने की गुहार लगाई गई है।
महाकुंभ के बाद बदल दिया नियम
महाकुंभ समाप्त होने के बाद ‘पांच पोल पर एक अर्थिंग’ का नियम बनाकर 18 हजार रुपये प्रति यूनिट का नया भुगतान पैटर्न तय कर दिया गया है। इस आधार पर नागवासुकी से गंगापथ तक अर्थिंग लगाने का नया टेंडर भी पास कर दिया गया है। इस संबंध में आशीष द्विवेदी का कहना है कि अर्थिंग के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग करने का मामला नगर निगम विद्युत विभाग की कमेटी में सदस्य होने के नाते उन्होंने उठाया तो अफसरों ने नियमों में बदलाव कर उसे वैधता दे दी।
गड़बड़झाले से महापाैर अंजान, बोले-अनियमितता है तो कार्रवाई करेंगे
नगर निगम विद्युत विभाग की ओर से महाकुंभ में कराए गए कार्यों पर सवाल उठने के बाद महापाैर गणेश केसरवानी का कहना है कि उनके संज्ञान में मामला नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वित्तीय अनियमितता हुई है तो इसमें संबंधित के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
घोटाले के खास तथ्य
खर्च होना चाहिए था 20 से 25 लाख
खर्च कर दिए गए 2.09 करोड़
प्रति पोल मानक खर्च 1000 से 1200
वास्तविक भुगतान 12,700 प्रति पोल
अर्थिंग की कुल संख्या 1650 पोल
नगर निगम में नियमों की धज्जियां उड़ाकर जनता के टैक्स के पैसों को पानी की तरह बहाया गया है। अब देखना होगा कि मंडलायुक्त की जांच में जवाबदेही तय होती है या फाइलों में ही मामला दफन कर दिया जाता है। -आशीष द्विवेदी पार्षद
मेला प्राधिकरण ने 10 पोल पर लगाई एक अर्थिंग
महाकुंभ के दौरान प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने 10 पोल पर एक अर्थिंग लगाई थी। जीआई स्टेट की अर्थिंग के लिए हमने पहले ही लाइन बनवा लिया था। नगर निगम के नियम कुछ अलग ही हैं। - अनूप सिन्हा, अधिशासी अभियंता विद्युत कुंभ मेला
विशेषज्ञ की सुनिए
अर्थिंग कापर वायर और जीआई स्टेट से की जाती है। स्ट्रीट लाइट के लिए अगर की जा रही है तो जरूरी नहीं कि हर पोल पर केमिकल अर्थिंग की जाए। कारण स्ट्रीट लाइट में लोड कम होने से लीकेज की संभावना नहीं रहती है। - हेमंत शर्मा, डिप्टी डायरेक्टर विद्युत सुरक्षा विभाग