नगर निगम प्रयागराज के सीमा विस्तार के लिए 31 दिसंबर 2019 को जारी अधिसूचना को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका दाखिल कर कहा गया है कि जिन ग्राम पंचायतों को नगर निगम में शामिल किया जाना है उनका कार्यकाल अभी छह माह बचा है। मगर जिला पंचायत राज अधिकारी ने इन गांवों को मनरेगा के तहत कार्यों का आवंटन रोक दिया है। इसके अलावा ग्राम पंचायतों को आर्थिक मदद भी रोक दी गई है।
ऑल इंडिया पंचायत परिषद के प्रयागराज जिलाध्यक्ष विजय कुमार सिंह की ओर से दाखिल याचिका पर सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है। याचिका में प्रमुख सचिव शहरी विकास सहित जिलाधिकारी प्रयागराज, नगर निगम प्रयागराज, जिला पंचायत राज अधिकारी प्रयागराज आदि को पक्षकार बनाया गया है। याची का कहना है कि बहादुरपुर ब्लॉक के 62 गांवों को नगर निगम सीमा में सम्मिलित किया जाना है।
सरकार ने कुल 207 गांव को नगर निगम सीमा में शामिल करने के लिए 31 दिसंबर 2019 को अधिसूचना जारी की है। मगर इन ग्राम पंचायतों का कार्यकाल अभी बचा है। इसके बावजूद पंचायतों को कार्यों का आवंटन और धन राशि का वितरण रोक दिया गया है। याचिका में मांग की गई है कि पंचायतों को काम देने पर लगी रोक हटाई जाए। उनको नए कार्यों का आवंटन किया जाए तथा ग्राम प्रधानों के कार्यों में हस्तक्षेप न किया जाए। साथ ही पंचायतों को आर्थिक मदद न रोकी जाए।