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प्रयागराज : संगम पर गंगा में समाई 50 बीघे से अधिक माघ मेले की जमीन

Wed, 24 Nov 2021 07:59 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज

सार

महावीर मार्ग पर रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, ज्ञान दास, शृंगी ऋषि समेत दर्जन बड़े संतों की संस्थाएं होंगी विस्थापित
संगम की रेती पर भूमि सुविधाओं के लिए संस्थाओं की ओर से आवेदन शुरू।
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Prayagraj News : माघ मेला क्षेत्र में तेजी से हो रहा है कटान। - फोटो : प्रयागराज
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विस्तार
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माघ मेले में इस बार संगम नोज से लेकर त्रिवेणी मार्ग के बीच 60 बीघे से अधिक भूमि गंगा की कटान में विलीन हो गई है। इससे कई बड़े संतों को इस बार माघ मेले में परंपरागत जगहों पर भूमि नहीं मिलेगी। ऐसी आध्यात्मिक, सांस्कृतिक संस्थाओं के सामने विस्थापन के अलावा कोई चारा नहीं बचा है। इस बीच माघ मेला में भूमि सुविधाओं के आवंटन के लिए आवेदन शुरू हो गए हैं।

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संगम की रेती पर संतों-भक्तों के समागम के रूप में बसने वाले माघ मेले में इस बार कई नामी संस्थाओं पर विस्थापन की तलवार लटक गई है। वजह है इस बार सेक्टर-दो में संगम नोज से लेकर त्रिवेणी मार्ग के बीच की रेती का गंगा की कटान में विलीन हो जाना। इस वजह से महावीर मार्ग पर लगने वाले अयोध्या स्थित रामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की छावनी के लिए निर्धारित स्थान पर भूमि नहीं मिल सकेगा। इनके अलावा महंत ज्ञानदास, शृंगी ऋषि, मौनी बाबा अमेठी वाले, डॉ. राधाचार्या के अलावा कई तीर्थपुरोहितों और कल्पवासियों की भी भूमि गंगा की कटान में समा जाने से सैकड़ों शिविरों के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है।

उधर, जिन संस्थाओं की भूमि कटान में बह गई है, वह सकते में हैं। ऐसी संस्थाएं दूसरी जगहों पर बसने के लिए भी दबाव बना रही हैं। ऐसे में मेला प्रशासन को दूसरे सेक्टरों में विस्तार भी करना पड़ सकता है। इसी के साथ माघ मेले में बसने के लिए भूमि सुविधाओं के लिए आवेदन आरंभ हो गया है। आचार्यबाड़ा, दंडीबाड़ा और खाक चौक बसाने के लिए भूमि सुविधाएं बढ़ाने के लिए भी दौड़ शुरू हो गई है।

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Prayagraj News : माघ मेले के लिए भूमि तैयार करने का कार्य तेजी से शुरू हो गया है। - फोटो : प्रयागराज
आचार्यबाड़ा ने मांगी मेला प्रशासन से अधिक भूमि
प्रयागराज। रामानुजनगर प्रबंध समिति (आचार्यबाड़ा) ने माघ मेला प्रशासन से इस बार भूमि बढ़ाने का आग्रह किया है। वैष्णव आश्रम दारागंज में समिति के पदाधिकारियों की हुई बैठक में पहले की तुलना में अधिक भूमि आवंटित करने की आवाज उठाई गई। नए महंतों की तादाद बढ़ने की वजह से भूमि बढ़ाने पर जोर दिया गया। इस बैठक में समिति के महामंत्री स्वामी अखिलेशाचार्य, कोषाध्यक्ष स्वामी घनश्यामाचार्य समेत कई संत उपस्थित थे। घनश्यामाचार्य ने बताया कि इस बार माघ मेले में हरिद्वार, वृंदावन, चित्रकूट, काशी, अयोध्या समेत कई तीर्थों के पीठाधीश्वर और महंत मेले में आ रहे हैं। ऐसे में उनके शिविरों के लिए भूमि बढ़ानी होगी।

anand giri - फोटो : अमर उजाला
माघ मेला प्रयागराज : आनंद गिरि को भी संगम पर नहीं मिल सकेगी जमीन 
अपने गुरु महंत नरेंद्र गिरि को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में जेल में बंद स्वामी आनंद गिरि को भी इस बार संगम नोज पर भूमि नहीं मिल सकेगी। गंगा सेना के शिविर की भूमि भी कटान में बह गई है। 

कटान की वजह से भूमि का क्षेत्रफल काफी घट गया है। ऐसे में कई मार्गों पर मेला बसाने के लिए पर्याप्त भूमि इस बार नहीं मिल पा रही है। विकल्प क्या हो सकता है, इस पर विचार किया जा रहा है। संत कुमार, एसडीएम मेला।
 
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magh mela - फोटो : prayagraj
माघ मेले पर है सियासी नजर लेकिन दलदली जमीन ने डाला खलल
प्रतीकों को लेकर बढ़ती राजनीतिक सरगर्मी के बीच विधानसभा चुनाव से पहले होने वाले माघ मेला आयोजन पर भी सियासी नजर है। 2020 की तर्ज पर इस वर्ष भी भव्य आयोजन की योजना बनाई गई है लेकिन इस पर दलदली जमीन का खलल पड़ता दिख रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को ऑनलाइन बैठक में अफसरों के साथ प्रस्तावों तथा तैयारियों संग अन्य बिंदुओं पर भी चर्चा करेंगे। इसी क्रम में मंडलायुक्त संजय गोयल ने मंगलवार को बैठक कर जरूरी निर्देश दिए।

कुंभ के बाद 2020 में हुए माघ मेला को भी भव्य रूप दिया गया था। मेला के विस्तार के साथ यात्री सुविधाएं भी बढ़ाई गईं थीं। 2022 में भी इस भव्यता को बरकरार रखने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए सभी विभागों से प्रस्ताव मांगे गए हैं लेकिन बाढ़ तथा बेमौसम बारिश ने तैयारियों को पीछे ढकेल दिया है।

पहाड़ी इलाकों में हुई बारिश की वजह से गंगा नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया था तथा किनारे के इलाके डूब गए थे। अब वह पानी तो निकल गया है लेकिन संगम के आसपास तथा मेला क्षेत्र में अब भी जगह-जगह जलभराव की स्थिति है। अफसरों का कहना है कि अभी करीब 500 हेक्टेयर जमीन ही सूख पाई है। शेष इलाके में जगह-जगह दलदल बन गए हैं। ऐसे में जनवरी में शुरू होने वाले मेला से पहले तैयारियां पूरी हो पाएगी इस पर सवाल है। वहीं डीएम संजय कुमार खत्री का कहना है कि काम शुरू हो गए हैं। समय से पूरी तैयारी कर ली जाएगी।

छह सेक्टर में बसेगा मेला
2020 की तरह इस वर्ष भी माघ मेला छह सेक्टर में बसाया जाएगा। मंडलायुक्त संजय गोयल ने मेले की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों को योजनाबद्ध तरीके से समय के भीतर सभी काम पूरे करने के निर्देश दिए। डीएम संजय कुमार खत्री ने तैयारियों की बाबत जानकारी दी। बैठक में घाट, चेंजिंग रूम, सुरक्षा, यातायात्र व्यवस्था, पार्किंग आदि पर बिंदुवार चर्चा हुई। बैठक में एसएसपी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी, अपर आयुक्त एमपी सिंह आदि मौजूद रहे।
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