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प्रयागराज सामूहिक हत्याकांड : लूटपाट न रंजिश, घुमंतू गिरोह पर सबसे ज्यादा शक

Sun, 24 Apr 2022 07:36 AM IST
विनोद सिंह आलोक श्रीवास्तव, प्रयागराज

सार

शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद पुलिस अफसरों ने जांच पड़ताल शुरू की। घटनास्थल पर मौजूद रहे लोगों में से मासूम को छोड़कर सभी को मौत के घाट उतार देने की वजह से अफसरों का सबसे पहला शक पारिवारिक रंजिश की ओर गया।
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Prayagraj News : थरवई के खैवजपुर गांव में सामूहिक हत्याकांड के बाद मौके पर जुटी भीड़। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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थरवई में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या के मामले में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती हत्या का मकसद खोजने की है। परिवार की किसी से कोई रंजिश न होने के बाद लूटपाट के लिए हत्या की आशंका जताई गई, लेकिन जांच पड़ताल में यह थ्योरी भी महज कयास ही साबित हुई।

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ऐसे में शक की सुई घुमंतू गिरोह की ओर घूम गई है। इस आशंका के पीछे सबसे ज्यादा अहम कारण हत्याकांड को अंजाम देने के लिए अपनाया गया तरीका है। फिलहाल अफसरों का कहना है कि सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच पड़ताल की जा रही है।


शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद पुलिस अफसरों ने जांच पड़ताल शुरू की। घटनास्थल पर मौजूद रहे लोगों में से मासूम को छोड़कर सभी को मौत के घाट उतार देने की वजह से अफसरों का सबसे पहला शक पारिवारिक रंजिश की ओर गया। ऐसे में आला अफसरों ने मृतक दंपती के बेटे सुनील से पूछताछ की।

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Prayagraj News : थरवई के खैवजपुर गांव में सामूहिक हत्याकांड के बाद मौके पर जुटी भीड़। - फोटो : अमर उजाला
पट्टीदारों से की गई घंटों पूछताछ

उसके परिवार के साथ ही पट्टीदारों और करीबी रिश्तेदारों तक के बारे में जानकारी हासिल की। साथ ही यह जानने की कोशिश की कि परिवार की किसी से कोई रंजिश तो नहीं थी। पट्टीदारों को भी बुलवाया गया और उन्हें भी थाने लाकर घंटों पूछताछ की गई। लेकिन किसी तरह की रंजिश की बात सामने नहीं आई।


संपत्ति को लेकर कोई विवाद या परिवार से जुड़ा कोई अन्य विवाद भी सामने नहीं आया। इसके बाद लूटपाट केलिए हत्या के एंगल पर जांच शुरू हुई। घर में सिर्फ एक ही ऐसा कमरा था, जिसमें सामान रखा था। इसी कमरे में आग लगाई गई थी। जांच पड़ताल में जुटी पुलिस टीम भीतर पहुंची तो इसमें रखा काफी सामान जल चुका था।


आलमारी व बक्सा खुला था लेकिन लूटपाट जैसी कोई बात सामने नहीं आई। यहां तक कि मृतक का बेटा भी घर से कोई सामान गायब होने की बात नहीं बता सका। जिसके बाद लूटपाट के लिए हत्या की आशंका भी कमजोर पड़ गई। इसके बाद पुलिस की शक की सुई घुमंतू गिरोह की ओर घूम गई और फिर पुलिस टीमों को इसी बिंदु पर जांच के लिए लगा दिया गया।

Prayagraj News : थरवई के खैवजपुर गांव में सामूहिक हत्याकांड के बाद मौके जांच करते आईजी। - फोटो : अमर उजाला
खानाबदोशों पर नजर, 12 हिरासत में
जांच पड़ताल के दौरान यह बात सामने आई कि जिस तरीके से वारदात को अंजाम दिया गया, उससे इसमें घुमंतू गिरोह का हाथ होने की सबसे ज्यादा आशंका है। जघन्य तरीके से हत्या, लूटपाट का मकसद न होना, किसी पारिवारिक रंजिश की बात सामने न आना, महिलाओं के कपड़े अस्त-व्यस्त होना समेत कई ऐसी बातें रहीं, जो वारदात में घुमंतू गिरोह के शामिल होने की ओर इशारा कर रही थीं। ऐसे में तत्काल ही एसओजी की टीमों को घुमंतू गिरोह की टोह लेने में लगा दिया गया।

इसके बाद पुलिस टीमों ने न सिर्फ थरवई बल्कि बहरिया, फूलपुर, नवाबगंज, सोरांव, मऊआइमा समेत आसपास के इलाकों में खानाबदोशों के डेरों पर दबिश देना शुरू किया। यहां रहने वालों के बारे में पूछताछ की और संदिग्धों को हिरासत में भी ले लिया। डेरों की सघन तलाशी भी ली गई। देर रात तक विभिन्न डेरों से कुल 12 संदिग्ध उठा लिए गए थे। जिनसे पूछताछ चलती रही।

Prayagraj News : थरवई के खैवजपुर गांव में सामूहिक हत्याकांड के बाद मौके पर तैनात पुलिस बल। - फोटो : अमर उजाला
डेयरी संचालक भी शक के दायरे में, तलाश
पुलिस टीमें जांच पड़ताल में जुटे ही थे कि एक और अहम बात सामने आई। पता चला कि पड़ोस के ही एक गांव का डेयरी संचालक दंपती की बेटी व बहू पर गलत नजर रखता था। वह रास्ते से आने जाने के दौरान घर में ताकझांक भी करता था। यह बात सुनील को उसकी पत्नी ने भी बताई थी। पूछताछ के दौरान सुनील ने अफसरों को बताया कि गैर समुदाय का यह युवक अक्सर उसके घर की तरफ देखता रहता था। जिसके बाद पुलिस की टीम उसके तलाश में लगा दी गई। हालांकि देर रात तक उसका पता नहीं मिल सका था।
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Prayagraj News : थरवई के खैवजपुर गांव में सामूहिक हत्याकांड के विरोध में डीएम एसएसी से बहस करते परिजन और ग्रमीण। अमर उजाला। - फोटो : अमर उजाला
सीडब्लूसी टीम पहुंची थरवई, बच्ची के बारे में ली जानकारी 
सीडब्लूसी चेयरमैन अखिलेश मिश्रा और सदस्य अरविंद कुमार शनिवार को थरवई पहुंचे और पांच लोगों की हत्या और घटना में बची बच्ची के बारे में जानकारी ली। टीम ने डीएम संजय खत्री से भी बच्ची के बारे में बात की। डीएम ने बताया कि घटना में बची बच्ची अपने नाना के घर है। उसे फिलहाल संरक्षण में लेने की आवश्यकता नहीं है। बच्ची के बारे में कुछ दिनों बाद निर्णय लिया जाएगा। 
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