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Prayagraj Magh Mela : परेड में तीर्थपुरोहितों की भूमि पर वाहन स्टैंड, मचा घमासान

Mon, 01 Feb 2021 12:41 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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prayagraj news : माघ मेला - फोटो : prayagraj
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माघ मेले के सबसे बडे़ स्नान पर्व मौनी अमावस्या से पहले परेड मैदान में तीर्थपुरोहितों की भूमि पर वाहन स्टैंड खोले जाने और भूमि आवंटन न किए जाने से विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया है। परेड में परंपरागत स्थलों पर अब तक भूमि आवंटन न होने से नाराज तीर्थपुरोहितों ने अलग-अलग धरना भी दिया। हालांकि एक गुट दूसरी जगह बसने के लिए तैयार है, लेकिन दूसरे गुट के लोग परेड में ही शिविर लगाने पर अड़े हैं।
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देर शाम काली मार्ग पर प्रयागवाल शिविर में वार्ता के लिए पहुंचे मेला प्रभारी ने साफ कर दिया कि परेड में इस बार तीर्थपुरोहितों को भूमि नहीं दी जा सकती। इसकी जगह ओल्ड जीटी पर आवंटन करने का उन्होंने भरोसा दिलाया, लेकिन पर शोर-शराबा होने लगा। तीर्थ पुरोहितों ने इस मामले पर मौनी अमावस्या से पहले सड़क पर उतरने की चेतावनी दी है।

रविवार को परेड के तीर्थपुरोहितों को मौनी अमावस्या से पहले भूमि आवंटित कराने के लिए तीर्थपुरोहितों ने मेला प्रशासन के पंडाल में धरना देकर विरोध प्रगट किया। इस दौरान गंगा निर्मलीकरण समेत कई मुद्दों पर आवाज उठाई गई। धरना स्थल पर मेला प्रशासन की ओर से राजस्व निरीक्षक शिव शंकर पटेल, राहुल त्रिपाठी,पंकज पहुंचे और तीर्थपुरोहितों ने उनको ज्ञापन सौंपा।
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इसमें परेड के तीर्थपुरोहितों को मौनी अमावस्या से पहले भूमि आवंटित करने, गंगा निर्मलीकरण के लिए नालों का गंदा पानी रोकने समेत पांच मांगे प्रमुखता से उठाई गई हैं। धरना स्थल पर राजेंद्र पालीवाल, संतोष भारद्वाज, राजेश तिवारी,अमरनाथ तिवारी,अशोक प्रोहा, अभिषेक पांडेय, कुनान प्रोहा,राजू प्रोहा, मुकेश तिवारी, अनुज तिवारी, राजेश तिवारी समेत दर्जनों तीर्थ पुरोहित उपस्थित थे। उधर, काली मार्ग स्थित प्रयागवाल सभा के अध्यक्ष डॉ प्रकाश चंद्र मिश्र के शिविर में भी तीर्थपुरोहितों की बैठक हुई।

इसमें परेड में भूमि आवंटित न होने पर आंदोलन का निर्णय लिया गया। अध्यक्ष डॉ प्रकाश चंद्र ने आरोप लगाया कि कुछ तीर्थपुरोहितों के षड्यंत्र की वजह से परेड की भूमि पर वाहन स्टैंड संचालित कराया जा रहा है। इसका निदान नहीं किया गया तो खामियाजा भुगताना पड़ेगा। शाम को मेला प्रभारी विवेक चतुर्वेदी और प्रबंधक विवेक शुक्ला तीर्थपुरोहितों से वार्ता के लिए शिविर में पहुंचे। सभा के अध्यक्ष ने बताया कि मेला प्रभारी ने परेड में भूमि आंवटन से इंकार कर दिया है। ऐसे में अब संघर्ष के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।

ओल्ड जीटी पर कल आवंटित होगी भूमि

परेड में परंपरागत तरीके से शिविर लगाने वाले 60 से अधिक तीर्थपुरोहितों को इस बार ओल्डजीटी पर बसाने की तैयारी कर ली गई है। मेला प्रशासन की ओर से पुरोहितों को दो फरवरी तक ओल्डजीटी पर भूमि आवंटित करने का भरोसा दिलाया गया है।
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