prayagraj news : माघ मेले में संतों के शिविर के पास भरा पानी।
- फोटो : prayagraj
गंगा में प्रवाह तेज होने से पौष पूर्णिमा स्नान पर्व से पहले मेला क्षेत्र में संतों-भक्तों की मुसीबतें बढ़ने लगी हैं। रविवार को जलस्तर बढ़ने से मेला क्षेत्र के कई सेक्टरों में स्नान घाट डूब गए। पांटून पुलों में फिर कटान शुरू हो गई। पानी रोकने के लिए बालू की बोरियों से बाड़ बनाई जाती रही और जेसीबी लगाकर रेती पाटने के साथ ही धारा बदलने की कोशिश की जाती रही, लेकिन इंतजाम बेअसर रहे। कहा जा रहा है कि गंगा स्थिर नहीं हुई तो दिक्कतें बढ़ने से इनकार नहीं किया जा सकता।
माघ मेले में संगम पर संतों-भक्तों को निर्मल धारा प्राप्त हो सके, इसके लिए नरोरा बांध से पानी छोड़ दिया गया है। मंगलवार को प्रवाह तेज होने से महावीर पांटून पुल के अलावा त्रिवेणी और काली पांटून पुलों में भी कटान शुरू हो गई। सेक्टर -तीन, चार और पांच के तटवर्ती क्षेत्रों में संतों-भक्तों की चिंता बढ़ गई है। जल बढ़ने से त्रिवेणी मार्ग पर मंगलवार को जेटी हटानी पड़ गई। सेक्टर-चार में शास्त्री पुल के नीचे पानी रोकने के लिए लगई गई बोरियों की बाड़ डूब गई है। इससे पानी दूसरे हिस्सों में प्रवेश कर गया है।