बुआ से लिया गया हलफनामा
सफेद रंग की कार में भतीजों को लेकर निकलीं परवीन ने हलफनामा देकर बाल कल्याण समिति को बताया है कि दोनों बच्चे पूरामुफ्ती के हटवा गांव में रह रहे रिश्तेदार अंसार अहमद के मकान में रखे जाएंगे। समिति ने उस मकान का सत्यापन भी कराया है। परवीन ने बच्चों के खानपान और सुरक्षा का पूरा ख्याल रखने की शपथ भी ली है। वह समिति के बुलाने पर उपस्थित होंगी और बच्चों के बारे में पूरी जानकारी भी देंगी।
सेंट जोसेफ कॉलेज में कराया गया दाखिला
सेंट जोसेफ कॉलेज में एहजम का कक्षा 12, जबकि अबान का दाखिला कक्षा 10 में कराया गया है। सूत्रों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त किए गए सहायक केसी जार्ज (पूर्व संयुक्त निदेशक, राष्ट्रीय लोक कल्याण व बाल विकास संस्थान) जब राजरूपपुर बालगृह में आए थे, तभी दोनों का दाखिला करा दिया गया था। सहायक ने दोनों से बातचीत के बाद 28 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें दोनों ने कहा था कि वह बालगृह में नहीं रहना चाहते।
भावशून्य थे दोनों के चेहरे, निकलकर सीधे बैठ गए कार में
बालगृह से निकलते वक्त एहजम व अबान के चेहरे भावशून्य थे। बालगृह से बाहर आते ही दोनों कार की पिछली सीट पर बैठ गए। उनके साथ एक सिपाही भी बैठा। अगली सीट पर उनकी बुआ परवीन बैठीं और फिर कार कालिंदीपुरम की ओर चली गई। इससे पहले बालगृह के बाहर कड़ा पहरा था। धूमनगंज पुलिस के साथ पीएसी भी लगाई गई थी। मीडिया को भी दाेनों से बात करने की अनुमति नहीं दी गई।
दोनों ने बताए थे छह रिश्तेदारों के नाम
अतीक के दाेनों बेटों ने छह रिश्तेदारों के नाम बताए थे, जिनके साथ वह जाने को तैयार थे। इनमें करेली निवासी बुआ परवीन अहमद कुरैशी, दो अन्य बुआ सीमा परवीन (अलीगढ़) और शाहीन निवासी पूरामुफ्ती (प्रयागराज), दो मौसी तौकीर फातिमा निवासी वाराणसी और रईस फातिमा निवासी प्रयागराज का नाम शामिल था। छठा नाम मामा शबी निवासी प्रयागराज का था।