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प्रयागराज : कांग्रेस के ऐतिहासिक कार्यालय का किराया चुकाने को नेताओं ने किया चंदा, बकाए में काटी जा चुकी है बिजली

Tue, 05 Jul 2022 01:17 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

शहर कांग्रेस कार्यालय पर 6.12 लाख रुपये किराये के रूप में है बकाया,कांग्रेसियों ने चंदा कर जुटाए 2.60 लाख रुपये। नेहरू-इंदिरा भी रह चुके हैं इलाहाबाद कांग्रेस के शहर अध्यक्ष। इसी कार्यालय में इंदिरा गांधी और फिरोज गांधी की हुई थी पहली मुलाकात। 
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Prayagraj News : कार्यालय के किराए के लिए चंदा देते कांग्रेस के कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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कांग्रेस जितनी संगठनात्मक रूप से कमजोर है, उससे अधिक आर्थिक तंगी का भी उसे सामना करना पड़ रहा है। 31 साल से पार्टी शहर कांग्रेस के ऐतिहासिक कार्यालय का किराया चुकता नहीं कर सकी है। 6.12 लाख रुपये किराया चुकता करने के लिए रविवार को पार्टी कार्यालय में मंथन तो हुआ ही, चंदा भी किया गया। किराया जमा करने के लिए कोर्ट ने पार्टी को 15 जुलाई तक का समय दिया गया है।

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बकाये अदा न करने पर कांग्रेस कार्यालय की हाल में ही बिजली भी काटी जा चुकी है। सोमवार को किराया चुकाने के लिए दफ्तर में चंदा किया गया। पार्टी की हुई बैठक में प्रदेश महासचिव मुकुंद तिवारी ने गंभीर चिंता जताई। उनका कहना था कि इस ऐतिहासिक दफ्तर को हर हाल में हाथ से जाने नहीं दिया जाएगा। राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने 50 हजार रुपये का चेक दिया तो कई नेताओं ने सौ-50 रुपये भी चंदे के रूप में जमा किए।

इससे पहले प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से दो लाख रुपये दिए गए जा चुके हैं। इसे मिलाकर अब तक 2.60 लाख रुपये का संग्रह किया जा चुका है। इस कार्यालय को लेकर पार्टी इसलिए भी संजीदा है, क्योंकि इसमें कभी दिग्गजों की अध्यक्षता में बैठकें हुआ करती थीं। इसी दफ्तर से कांग्रेस कमेटी ने कई बड़े फैसले लिए थे। इलाहाबाद शहर कांग्रेस कमेटी की पहली अध्यक्ष कमला नेहरू थीं।

इनके बाद पं. जवाहर लाल नेहरू, पुरुषोत्तम दास टंडन, विश्वंभर नाथ पांडेय, मुजफ्फर हसन, इंदिरा गांधी भी इस शहर कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष रह चुकी हैं। शहर के व्यस्ततम इलाके चौक में आजादी के पहले वर्ष 1932 से शहर कांग्रेस कमेटी का दफ्तर है। कभी देश के तीन प्रधानमंत्रियों पं. जवाहर लाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री और इंदिरा गांधी ने इस कार्यालय में हुई महत्वपूर्ण बैठकों में भाग लिया था। आजादी के पहले इस कार्यालय में कई अहम निर्णय भी लिए गए थे। 
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इसी दफ्तर में इंदिरा से हुई थी फिरोज की पहली मुलाकात
पुराने कांग्रेसियों का कहना है कि फिरोज गांधी की इंदिरा गांधी से मुलाकात भी इसी दफ्तर में पहली बार हुई थी। यहीं से उनके प्रेम प्रसंगों के किस्से दुनिया भर चर्चित हुए। देश के दो प्रधानमंत्रियों जवाहर लाल नेहरू एवं इंदिरा गांधी के शहर कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष होने के बावजूद अब इस दफ्तर का किराया चुकता करने के लिए चंदा किया जा रहा है।

नगर निगम से जुड़े मुद्दे पर मंथन करने के लिए बैठक बुलाई गई थी। इसी दौरान पार्टी कार्यालय के किराये पर कुछ लोग चर्चा करने लगे। किराया प्रकरण के लिए बैठक नहीं बुलाई गई थी। - प्रदीप मिश्र अंशुमान, महानगर अध्यक्ष।

किराया जल्द ही चुकता करा लिया जाएगा। इसके लिए पार्टी गंभीर है। इस ऐतिहासिक कार्यालय की गरिमा को किसी भी दशा में धूमिल नहीं होने दिया जाएगा। - मुकुंद तिवारी, प्रदेश महासचिव।
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