इससे पहले प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से दो लाख रुपये दिए गए जा चुके हैं। इसे मिलाकर अब तक 2.60 लाख रुपये का संग्रह किया जा चुका है। इस कार्यालय को लेकर पार्टी इसलिए भी संजीदा है, क्योंकि इसमें कभी दिग्गजों की अध्यक्षता में बैठकें हुआ करती थीं। इसी दफ्तर से कांग्रेस कमेटी ने कई बड़े फैसले लिए थे। इलाहाबाद शहर कांग्रेस कमेटी की पहली अध्यक्ष कमला नेहरू थीं।
इनके बाद पं. जवाहर लाल नेहरू, पुरुषोत्तम दास टंडन, विश्वंभर नाथ पांडेय, मुजफ्फर हसन, इंदिरा गांधी भी इस शहर कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष रह चुकी हैं। शहर के व्यस्ततम इलाके चौक में आजादी के पहले वर्ष 1932 से शहर कांग्रेस कमेटी का दफ्तर है। कभी देश के तीन प्रधानमंत्रियों पं. जवाहर लाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री और इंदिरा गांधी ने इस कार्यालय में हुई महत्वपूर्ण बैठकों में भाग लिया था। आजादी के पहले इस कार्यालय में कई अहम निर्णय भी लिए गए थे।
इसी दफ्तर में इंदिरा से हुई थी फिरोज की पहली मुलाकात
पुराने कांग्रेसियों का कहना है कि फिरोज गांधी की इंदिरा गांधी से मुलाकात भी इसी दफ्तर में पहली बार हुई थी। यहीं से उनके प्रेम प्रसंगों के किस्से दुनिया भर चर्चित हुए। देश के दो प्रधानमंत्रियों जवाहर लाल नेहरू एवं इंदिरा गांधी के शहर कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष होने के बावजूद अब इस दफ्तर का किराया चुकता करने के लिए चंदा किया जा रहा है।
नगर निगम से जुड़े मुद्दे पर मंथन करने के लिए बैठक बुलाई गई थी। इसी दौरान पार्टी कार्यालय के किराये पर कुछ लोग चर्चा करने लगे। किराया प्रकरण के लिए बैठक नहीं बुलाई गई थी। - प्रदीप मिश्र अंशुमान, महानगर अध्यक्ष।
किराया जल्द ही चुकता करा लिया जाएगा। इसके लिए पार्टी गंभीर है। इस ऐतिहासिक कार्यालय की गरिमा को किसी भी दशा में धूमिल नहीं होने दिया जाएगा। - मुकुंद तिवारी, प्रदेश महासचिव।