हाईकोर्ट बार के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष मंगला प्रसाद त्रिपाठी का कुछ पता नहीं चल पाया है। अब तक की जांच में मंगला प्रसाद अंतिम बार पास पड़ोस वालों को 25 दिसंबर को देखे गए थे। उसके बाद से उनका कुछ पता नहीं है। पुलिस कॉल डीटेल्स के आधार पर जांच कर रही है। बेटे ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
जौनपुर के अगरौरा गांव के रहने वाले अधिवक्ता मंगला प्रसाद त्रिपाठी (60) हाईकोर्ट बार के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष रह चुके हैं। वह छोटा बघाड़ा में किराये के कमरे में अकेले रहते थे। उनका परिवार गांव में रहता है। अंतिम बार उनके घर वालों ने 17 दिसंबर को बात की थी। इसके बाद एक जनवरी के बाद घर वालों ने फोन मिलाया तो बंद था। कई बार मिलाने के बाद उनका बेटा मनोज छोटा बघाड़ा पहुंचा।
यहां कमरे का ताला तोड़ा तो अंदर मोबाइल मिल गया लेकिन मंगला प्रसाद का कुछ पता नहीं था। बेटे ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। मंगला प्रसाद का कॉल डीटेल्स निकलवाई गई लेकिन कोई खास जानकारी नहीं मिल पाई। आस पड़ोस के लोगों ने पुलिस से बताया कि अंतिम बार उन्होंने मंगला प्रसाद को 25 दिसंबर को देखा था। इंस्पेक्टर कर्नलगंज ने बताया कि कॉल डीटेल्स के आधार पर लोगों से पूछताछ की जा रही है। संवाद