नवाबगंज थाना क्षेत्र के बेरांवा गांव में मंगलवार की रात खेत की रखवाली कर रहे किसान की हत्या कर दी गई। बुधवार को पता चला तो परिजनों ने बवाल मचा दिया। पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। फोरेंसिक टीम ने मौके पर जाकर जांच की। एसपी गंगापार का कहना है कि किसान ने आत्महत्या की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी पता चला है कि उसकी जहरीला पदार्थ खाने से हुई है। फिलहाल जांच की जा रही है।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के सम्हई गांव निवासी निवासी भोला सरोज (50) पिछले करीब दस सालों से अपनी ससुराल बेरावां गांव के पहलवान का पूरा में रहता था। पड़ोसीगांव देवापुर के किसान की जमीन बंटाई पर लेकर उसने खेतों में टमाटर बोया था। खेत की रखवाली के लिए वह रात में निकल जाता था। मंगलवार की रात को भी भोजन कर वह खेत चला गया। सुबह गांव के लोग शौच को गये तो मूंग के खेत में भोला का शव देखा। इसकी सूचना ग्रामीणों ने परिजनों को दी। मौके पर पहुंचे परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पाकर नवाबगंज पुलिस भी पहुंच गई।
भोला का शव उसके खेत से तकरीबन एक किलोमीटर दूर पड़ा था। गुस्साए परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने दुश्मनों पर हत्या का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं होगी, वे शव नहीं उठने देंगे। पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन वे अड़े रहे। उन्होंने पांच लोगों के खिलाफ तहरीर दी कि उन लोगों ने पीट-पीटकर भोला की हत्या की है। पांचों गांव के ही हैं। नवाबगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। पुलिस ने गिरफ्तारी का आश्वासन दिया तब जाकर वे शांत हुए।
इंस्पेक्टर नवाबगंज संतोष कुमार दुबे ने बताया कि मामला पुरानी रंजिश का लगता है। परिजनों की तहरीर पांच लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों के घर दबिश भी दी गई है। उधर, शाम को पोस्टमार्टम के बाद मामला ही बदल गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि उसकी मौत सल्फास या सल्फास जैसे किसी जहर से हुई है। एसपी गंगापार एनके सिंह ने बताया कि जांच में भी लग रहा है कि भोला ने जहर खा लिया।
किसान भोला सरोज के चार बच्चे बचऊ, शिवधारी, प्रद्युम्न और आरती हैं। पत्नी धनपति देवी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। घरवालों का कहना था कि भोला की हत्या हुई है। उन्हें कोई परेशानी नहीं थी तो वह आत्महत्या क्यों करेंगे। रात में घर से खाना खाकर निकले थे।