बताया जा रहा है कि भोपाल के शंकराचार्य नगर का रहने वाला 25 वर्षीय युवक लोकेश चंदेल प्लास्टिक की पांच टोकरी में बिल्लियों के 17 बच्चों को लेकर पहले भोपाल से कानपुर आया। कानपुर से उसने ब्रह्मपुत्र मेल पटना के लिए पकड़ी। वह एस टू कोच के दरवाजे के पास बैठ गया।
प्रयागराज जंक्शन पर शनिवार को 17 पर्सियन बिल्लियों को ब्रह्मपुत्र मेल से उतारा गया। कहा जा रहा है कि युवक उसे बेचने के लिए पटना जा रहा था। बिल्लियों के साथ एक युवक भी था। उसका आरपीएफ ने रेलवे एक्ट के तहत चालान कर दिया, जबकि बिल्ली के बच्चे रक्षा एनजीओ को संरक्षण के लिए सौंपे गए हैं।
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बताया जा रहा है कि भोपाल के शंकराचार्य नगर का रहने वाला 25 वर्षीय युवक लोकेश चंदेल प्लास्टिक की पांच टोकरी में बिल्लियों के 17 बच्चों को लेकर पहले भोपाल से कानपुर आया। कानपुर से उसने ब्रह्मपुत्र मेल पटना के लिए पकड़ी। वह एस टू कोच के दरवाजे के पास बैठ गया। उसने एक के ऊपर एक टोकरी रख दी। इस दौरान रेलवे चेकिंग स्टाफ दिवाकर ने जब टोकरी में बिल्ली के बच्चों को देखा तो उन्होंने इसकी सूचना अफसरों को दी।
प्रयागराज जंक्शन पहुंचने पर आरपीएफ ने युवक को नीचे उतार लिया। उसने बताया कि वह बिल्लियों के बच्चों को बेचने के लिए पटना जा रहा है। युवक के पास न तो ट्रेन का टिकट था, न ही बिल्लियों से संबंधित कोई कागजात। रेंजर विभूति नारायण ने बिल्लियों के घरेलू जानवर होने के कारण कार्रवाई से इन्कार कर दिया। इसके बाद रक्षा एनजीओ को सूचना दी गई। आरपीएफ पोस्ट प्रभारी शिवकुमार सिंह ने बताया कि लोकेश के खिलाफ रेलवे एक्ट की कई धाराओं में मुकदमा लिख कर चालान कर दिया गया है। वहीं बिल्लियों को रक्षा एनजीओ की संचालिका वंशिका गुप्ता को सौंपा गया है।