ईआई होने से और बेहतर हो जाएगा ट्रेनों का संचालन
रेलवे में इंटरलॉकिंग सिस्टम सिग्नल देने में उपयोग होने वाली महत्वपूर्ण प्रणाली है। आसान भाषा में समझें तो यह ट्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक सिस्टम है। रेलवे का इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग एक प्रणाली है जो रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों की सुरक्षा और एक सुगम गति प्रदान करने के लिए उपयोग होती है। यह इंजीनियरिंग सिस्टम है जिसमें इलेक्ट्रॉनिक और कंप्यूटर नेटवर्क के इस्तेमाल से ट्रेनों के बीच ट्रांजिशन को कंट्रोल किया जाता है।
इसके जरिए रेलवे स्टेशनों, जंक्शनों और सिग्नलिंग बिंदुओं पर ट्रेन की आवाजाही को सुरक्षित और कुशल संचालन के लिए फंक्शन कंट्रोल किए जाते हैं। इंटरलॉकिंग ही ट्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित करती है कि स्टेशन पर यह लाइन क्लियर है। इंटरलॉकिंग का मतलब है कि अगर लूप लाइन सेट है, तो लोको पायलट को मेन लाइन का सिग्नल नहीं जाएगा। वहीं अगर मेन लाइन सेट है, तो लूप लाइन का सिग्नल नहीं जाएगा।