महाकुंभ में देश विदेश सेे आने वाले श्रद्धालुओं को देखते हुए पुलिस विभाग की ओर से सहा-यक एप बनाया गया है। इस एप की खासियत है कि देश विदेश में बोली जाने वाली भाषा को पुलिस एप के माध्यम से झट से समझ जाएगी। नवंबर माह में यह इस एप को लॉन्च कर दिया जाएगा। इस महाकुंभ में देश के अलग-अलग हिस्सों के अलावा विदेशों से लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इनमें सबसे अधिक श्रद्धालु दक्षिणी व पूर्वी और पश्चिमी राज्यों के होते हैं।
ऐसे में श्रद्धालु अक्सर अपने स्थानीय भाषा असमिया, बंगाली, गुजराती, कश्मीरी, कन्नड़, मलयालम, कोंकणी, मराठी, मणिपुरी, उड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु आदि भाषा में बात करते हैं। ऐसे में न तो इनको हिंदी आती है और ना ही कुंभ मेले में तैनात पुलिसकर्मियों को इन भाषाओं का ज्ञान होता है। जिसे देखते हुए सहा-यक एप बनाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस एप का लोगो जारी कर दिया गया है। जल्द ही एप को भी लॉन्च कर दिया जाएगा।
एप के लिए प्रशिक्षित होंगे पुलिसकर्मी
मोबाइल एप के लॉन्च होने के बाद महाकुंभ में तैनात पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। एप के काम करने का तरीका बताया जाएगा। ताकि महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को अपनी बातें बताने में किसी तरह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। इस एप के माध्यम से पुलिस और श्रद्धालुओं के बीच आपसी तालमेल बेहतर होगा।
आधुनिक तकनीक से लैस है सहा-यक एप
महाकुंभ के अधिकारियों ने बताया कि इस एप को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) बेस्ड बनाया गया है। इसकी खासियत है कि इसमें चैटिंग करने का भी सिस्टम दिया गया है। यानी कोई भी श्रद्धालु चैट जरिए अपनी दिक्कतों को अलग-अलग भाषाओं में बता सकता है। इसके साथ ही देश के अलग-अलग भाषाओं के अलावा विदेश में बोली जाने वाली दर्जनों भाषाओं को इंस्टाल किया गया है।
इन-इन देशों से अधिक आते हैं श्रद्धालु
महाकुंभ में देश ही नहीं, बल्कि विदेशाें से भी करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। इनमें नेपाल, भूटान, तिब्बत, थाईलैंड, जर्मनी, श्रीलंका आदि देशों के श्रद्धालुओं का आना-जाना रहता है। इन लोगो के साथ दिक्कत होने पर भाषाओं को लेकर अक्सर दिक्कत आती है। अधिकारियों ने बताया कि इस एप में विदेश की भी कई भाषाओं को रखा गया है।
16 हजार पुलिसकर्मियों की लगेगी ड्यूटी
वहीं, इस महाकुंभ में कुल 16 हजार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें से दो हजार से अधिक पुलिसकर्मी आ भी चुके हैं। पुलिस लाइन में इन सभी को नैतिकता और सेवा भाव का पाठ पढ़ाना शुरू कर दिया गया है। जिसमें सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर स्तर के पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं से बातचीत के तौर तरीके से लेकर सरलता, सहजता और सेवा भाव के साथ ड्यूटी करने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
महाकुंभ में देश विदेश से श्रद्धालु आते हैं। इनमें अधिकतर की भाषाएं अलग-अलग रहती है। आपसी तालमेल बेहतर बनाने के उद्देश्य से सहा-यक एप को जल्द लांच करने की तैयारी है। - राजेश द्विवेदी, एसएसपी महाकुंभ