महाप्रबंधक के अनुसार जोन के सात महत्वपूर्ण स्टेशनों में प्रयागराज जंक्शन, कानपुर सेंट्रल, झांसी, ग्वालियर, खजुराहो, आगरा और मथुरा शामिल हैं। इन सात स्टेशनों में से पांच स्टेशनों पर काम तेज गति से चल रहा है। आगरा कैंट और मथुरा के विकास के लेआउट की भी योजना बनाई जा रही है।
उत्तर मध्य रेलवे में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 53 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। जिन स्टेशनों का पुनर्विकास चल रहा है, उनमें सर्वाधिक 959.78 करोड़ रुपये का बजट प्रयागराज जंक्शन का है। प्रयागराज जंक्शन समेत सात बड़े स्टेशनों पर पुनर्विकास के कार्य ने तेजी पकड़ ली है।
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पुनर्विकास कार्यों की महाप्रबंधक उपेंद्र चंद्र जोशी द्वारा लगातार समीक्षा भी की जा रही है। महाप्रबंधक का कहना है कि पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों में यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं होंगी। विकास के बाद स्टेशन न केवल परिवहन के बिंदु के रूप में बल्कि शहर के केंद्र के रूप में भी काम करेंगे।
महाप्रबंधक के अनुसार जोन के सात महत्वपूर्ण स्टेशनों में प्रयागराज जंक्शन, कानपुर सेंट्रल, झांसी, ग्वालियर, खजुराहो, आगरा और मथुरा शामिल हैं। इन सात स्टेशनों में से पांच स्टेशनों पर काम तेज गति से चल रहा है। आगरा कैंट और मथुरा के विकास के लेआउट की भी योजना बनाई जा रही है।
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वहीं, कानपुर सेंट्रल (766.91 करोड़ रुपये), झांसी (470.18 करोड़ रुपये), ग्वालियर (534.70 करोड़ रुपये), खजुराहो (217.97 करोड़ रुपये) में काम तेजी से चल रहा है। इन सभी स्टेशनों की कुल स्वीकृत लागत लगभग 2950 करोड़ रुपये है।
संबंधित स्टेशनों पर स्टेशन एप्रोच में सुधार, सर्कुलेटिंग एरिया, वेटिंग हॉल, शौचालय, आवश्यकतानुसार लिफ्ट/एस्केलेटर, साफ-सफाई, मुफ्त वाईफाई, एक स्टेशन एक उत्पाद जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय उत्पादों के लिए कियोस्क आदि की सुविधा रहेगी।