बीजेपी विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी के रामबाग स्थित आवास परिसर में बने सर्वेंट क्वार्टर में उनके ड्राइवर की लाश फांसी पर झूलती मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस दरवाजा तोड़कर कमरे के भीतर दाखिल हुई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना की वजह स्पष्ट नहीं है, लेकिन चर्चा रही कि प्रेम प्रसंग में उसने यह कदम उठाया।
सोनू कौशल (28) पुत्र स्व. बसंत लाल कौशल मूल रूप से झूंसी का रहने वाला था। पिछले करीब 10-12 सालों से वह शहर उत्तरी विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी के यहां ड्राइवर था। वह विधायक के रामबाग स्थित आवास परिसर में सर्वेंट क्वार्टर में रहता था। पुलिस के मुताबिक, रविवार सुबह आठ बजे के करीब विधायक को चुनाव प्रचार के लिए जाना था। ऐसे में स्टाफ के लोग उसे बुलाने पहुंचे। लेकिन, कई बार आवाज देने के बावजूद दरवाजा नहीं खुला। देर होने के कारण विधायक दूसरे ड्राइवर के साथ चले गए। बहुत देर तक सोनू सोकर नहीं उठा तो करीब 11 बजे स्टाफ के लोग फिर उसे जगाने पहुंचे। इस बार भी काफी पुकारा गया, लेकिन भीतर से कोई जवाब नहीं मिला।
इसी दौरान कुछ कर्मचारियों ने खिड़की पर लगी प्लाई हटाकर भीतर झांका तो उनके होश उड़ गए। सोनू फांसी पर लटका हुआ था। सूचना पर कीडगंज पुलिस के साथ ही विधायक भी पहुंच गए। पुलिस दरवाजा तोड़कर कमरे के भीतर दाखिल हुई और शव को नीचे उतारा। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। कीडगंज इंस्पेक्टर अंजनी कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि तलाशी ली गई, लेकिन कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। घटना का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी फांसी लगाने की बात सामने आई है। उधर इस बात की भी चर्चा रही कि मृतक ने प्रेम प्रसंग के चलते यह कदम उठाया। किसी महिला से उसकी रोजाना बातें होती थीं। चर्चा रही कि उसी से नोकझोंक के बाद उसने ऐसा किया। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।