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UP : 50 फीसदी सीटें भी नहीं भर पा रहीं प्रयागराज-गोरखपुर वंदे भारत की, 14 मार्च से शुरू हुआ है ट्रेन का संचालन

Mon, 25 Mar 2024 10:56 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

प्रयागराज से गोरखपुर के बीच शुरू हुई वंदे भारत एक्सप्रेस की सभी सीटें अभी तक एक दिन भी नहीं भर पाई हैं। 14 मार्च से ट्रेन का संचालन शुरू हुआ है, लेकिन 50 फीसदी से अधिक सीट नहीं भर पा रही है। इस बहुप्रतीक्षित ट्रेन को लेकर लोगों में खासा उत्साह था, लेकिन यात्री नहीं मिल रहे हैं। 
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वंदे भारत एक्सप्रेस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रयागराज से लखनऊ होकर गोरखपुर के बीच शुरू हुई सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस भले ही सुविधाओं से लैस हो, लेकिन महंगे किराये की वजह से हर रोज इसकी काफी सीटें खाली रह जा रही हैं। जब से इसका संचालन शुरू हुआ है तब से अब तक किसी भी दिन 50 फीसदी सीटें नहीं भरीं। 25 मार्च को होली है। ऐसे में पर्व के पूर्व जहां सभी महत्वपूर्ण ट्रेनों में जहां लंबी प्रतीक्षा सूची है तो वहीं वंदे भारत के एसी चेयर कार में होली के भी एक दिन पूर्व रविवार को भी 100 से ज्यादा सीटें खाली ही रहीं।

गोरखपुर से लखनऊ के बीच चल रही वंदे भारत का प्रयागराज तक विस्तार होने के बाद 12 मार्च को पीएम मोदी ने अहमदाबाद से इसको वर्चुअली झंडी दिखाई थी। तब स्पेशल ट्रेन के रूप में वंदे भारत एक्सप्रेस प्रयागराज से लखनऊ तक चली थी। हालांकि, ट्रेन का अधिकारिक संचालन 14 मार्च से शुरू हुआ है। शनिवार छोड़ सप्ताह में छह दिन चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस अब तक एक भी दिन प्रयागराज से पूरी तरह से भरी हुई नहीं गई है।

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पहले दिन ही ट्रेन की 530 सीट में 403 सीट यहां से खाली गई। इसके बाद भी अब तक वंदे भारत में एक भी दिन 50 प्रतिशत सीटें यहां से नहीं भर सकी हैं। खास बात यह है कि होली पर भी वंदे भारत में काफी सीटें अब भी खाली हैं, वहीं अन्य दूसरी ट्रेनों में लंबी प्रतीक्षा सूची है। माना जा रहा है महंगे किराये की वजह से यात्री वंदे भारत में सफर से कतरा रहे हैं।

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यही वजह है कि प्रयागराज से गोरखपुर जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस की चेयरकार में होली के पहले एवं उसके बाद लखनऊ एवं गोरखपुर के लिए काफी सीटें खाली हैं। 24 मार्च को इसके चेयर कार में 100 से ज्यादा सीटें खाली ही रहीं। इसी तरह 25 मार्च को 289, 26 मार्च को 214, 27 मार्च को 195, 28 मार्च को 280, 29 मार्च को 267 एवं 31 मार्च को 325 सीटें खाली हैं।

 

इंटरसिटी, गंगा गोमती एक्सप्रेस के चेयरकार में हैं प्रतीक्षा सूची

इंटरसिटी के मुकाबले वंदे भारत अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। लेकिन, वंदे भारत का किराया इंटरसिटी के मुकाबले काफी है। इससे प्रयागराज से लखनऊ के लिए इंटरसिटी और गंगा गोमती एक्सप्रेस के चेयरकार में लंबी प्रतीक्षा सूची है। प्रयागराज संगम से इंटरसिटी दोपहर के मुकाबले वंदे भारत का किराया कम होने की वजह से वह यात्रियों को खासी पसंद है। यहां से इसकी रवानगी दोपहर 3:20 बजे है, जबकि वंदे भारत के प्रस्थान का समय दोपहर 3:15 बजे है। महज पांच मिनट के अंतराल में लखनऊ के लिए दो ट्रेनों की रवानगी होने व इंटरसिटी का किराया कम होने से यात्रियों की पहली पसंद है।

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