यही वजह है कि प्रयागराज से गोरखपुर जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस की चेयरकार में होली के पहले एवं उसके बाद लखनऊ एवं गोरखपुर के लिए काफी सीटें खाली हैं। 24 मार्च को इसके चेयर कार में 100 से ज्यादा सीटें खाली ही रहीं। इसी तरह 25 मार्च को 289, 26 मार्च को 214, 27 मार्च को 195, 28 मार्च को 280, 29 मार्च को 267 एवं 31 मार्च को 325 सीटें खाली हैं।
इंटरसिटी, गंगा गोमती एक्सप्रेस के चेयरकार में हैं प्रतीक्षा सूची
इंटरसिटी के मुकाबले वंदे भारत अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। लेकिन, वंदे भारत का किराया इंटरसिटी के मुकाबले काफी है। इससे प्रयागराज से लखनऊ के लिए इंटरसिटी और गंगा गोमती एक्सप्रेस के चेयरकार में लंबी प्रतीक्षा सूची है। प्रयागराज संगम से इंटरसिटी दोपहर के मुकाबले वंदे भारत का किराया कम होने की वजह से वह यात्रियों को खासी पसंद है। यहां से इसकी रवानगी दोपहर 3:20 बजे है, जबकि वंदे भारत के प्रस्थान का समय दोपहर 3:15 बजे है। महज पांच मिनट के अंतराल में लखनऊ के लिए दो ट्रेनों की रवानगी होने व इंटरसिटी का किराया कम होने से यात्रियों की पहली पसंद है।