सोरांव का गद्दोपुर इलाका शुक्रवार आधी रात ताबड़तोड़ फायरिंग से थर्रा उठा। अफसरों का दावा है कि दो दिन पहले पेट्रोल पंप लूटकांड को अंजाम देने वाले बदमाशों की घेराबंदी हुई तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। मुठभेड़ में एक बदमाश को गोली लगी तो उसके साथी भागने लगे। जिनमें से तीन को पकड़ लिया गया। अन्य की तलाश कीजा रही है।
सोरांव के गद्दोपुर स्थित पेट्रोल पंप पर छह फरवरी की रात में छह बदमाशों ने पेट्रोल पंप पर धावा बोला और असलहा सटाकर 46 हजार रुपये लूट लिए थे। दहशत फैलाने के लिए फायरिंग भी की थी। मामले में स्थानीय पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया था। शुक्रवार रात क्राइम ब्रांच के ओमशंकर शुक्ला, अवनीश, अभय व फाफामऊ चौकी प्रभारी शेर सिंह गश्त पर थे, इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना पर नियाज के भटठे के पास घेराबंदी की गई।
इस दौरान पुलिस को देखते ही बदमाश फायरिंग करते हुए भागने लगे। एसएसपी ने बताया कि जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लगी और वह वहीं गिर पड़ा। इस दौरान उसके तीन साथियों को भी पकड़ा गया। घायल बदमाश ने अपना नाम कलीम निवासी रूदापुर बताया। पकड़े गए तीन अन्य बदमाशों में जावेद, नासिर व अशोक पटेल शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने दो दिन पहले जबर पेट्रोल पंप पर हुई लूट की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों ने अपने फरार साथियों के नाम सालीम, सोहराब, शहजाद व शाहरुख शामिल हैं। इनके पास से तमंचा, पिस्टल कारतूस, अपाचे बाइक व लूट के 18600 रुपये मिले हैं। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह में अन्य बदमाश भी हैं जिनके बारे में पता लगाया जा रहा है।
पुलिस ने बताया कि घटना की सीसीटीवी फुटेज से बदमाशों की पहचान की गई। फुटेज दिखाकर पूछताछ की गई तो जावेद का नाम आया। पकड़े जाने के बाद आरोपियों ने बताया कि घटना का मास्टरमाइंड गोली लगने से घायल कलीम है। उसने ही सभी को इस वारदात के लिए राजी किया था। उसे एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जावेद जुए में 90 हजार रुपये हार गया था और कलीम ने उसे लूट के बाद इतने ही रुपये देने को कहे थे। आरोपियों ने यह भी बताया है कि लूट में 46 नहीं बल्कि 36 हजार मिले थे।
पुलिस का दावा है कि अस्पताल में भर्ती बदमाश को गोली मुठभेड़ के दौरान लगी। पुलिस मुठभेड़ का वक्त शनिवार को दिन में 1.30 बजे बता रही है। हालांकि घायल बदमाश ने जो बातें बताई हैं, उससे घटना की कुछ और ही कहानी बयां हो रही है। घायल बदमाश ने बताया है कि पुलिस रात में एक बजे के करीब उसके गांव रूदापुर पहुंची। वहां भनक लगते ही जावेद व उसके साथी भागने लगे। इस दौरान पुलिस ने उसे पकड़ लिया और आंख में पट्टी बांधकर गोली मार दी। लूट के मामले पर उसका कहना था कि उसका इससे कोई लेनादेना नहीं है।