जिले में 33 हजार से ज्यादा लाइसेंसी असलहे
जनपद की बात करें तो यहां भी लाइसेंसी असलहा रखने वाले कम नहीं हैं। हाल यह है कि जनपद की सुरक्षा के लिए जिले में जितने पुलिसकर्मी हैं, उसका पांच गुना ज्यादा लाइसेंसी असलहे लोगों के पास हैं। मौजूदा समय में जिले में कुल 6700 पुलिसबल तैनात है। जबकि लाइसेंसी असलहा रखने वालों की संख्या 33 हजार के आसपास है। इस हिसाब से अनुमान लगाया जाए तो लाइसेंसी शस्त्रधारकों की संख्या जनपद में तैनात कुल फोर्स का लगभग पांच गुना ज्यादा है।
सिर्फ 10 फीसदी ही जमा हो सके अब तक
चुनावों के मद्देनजर सभी लाइसेंसी असलहों को जमा कराया जाना है और यह प्रक्रिया शुरू भी कर दी गई है। हालांकि अब तक जनपद में कुल लाइसेंसी असलहों में से लगभग 10 फीसदी लाइसेंसी असलहे ही जमा कराए जा सके हैं। गौरतलब है कि कुल 33 हजार असलहों में से अब तक लगभग 3500 लाइसेंसधारकों ने ही शस्त्र जमा कराए हैं। यानी 90 फीसदी लाइसेंसी शस्त्र जमा कराने का काम अभी बाकी है।
एसपी की पहल, यमुनापार में भेजा जा रहा नोटिस
चुनावों के मद्देनजर शहर के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्र ज्यादा संवेदनशील माने जाते हैं। ऐसे में पुलिस के सामने शहर से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में लाइसेंसी असलहा जमा कराने की चुनौती है। इसे ही देखते हुए एसी यमुनापार आईपीएस सौरभ दीक्षित ने नई पहल की है। उनकी ओर से अपने क्षेत्र के सभी लाइसेंस धारकों को नोटिस जारी किया जा रहा है। जिसमें निर्देशित किया जा रहा है कि वह जल्द से जल्द अपने लाइसेंसी शस्त्र दुकान अथवा थानों पर जमा कराएं। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।