अवार्ड घोषित होने के बद वितरित होगा मुआवजा
अवार्ड घोषित होने के बाद मुआवजा वितरण का काम शुरू होगा। एनएचएआई के अफसरों के मुताबिक कानपुर से वाराणसी को जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-दो पर इनर रिंग रोड के प्रथम चरण का निर्माण आगामी कुंभ मेले को ध्यान में रखकर कराने की योजना है। इस पर कुल तीन हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें आठ सौ करोड़ रुपये मुआवजे के तौर पर प्रभावित किसानों में वितरित किए जाएंगे। इसके लिए एनएचएआई को धनराशि मिल चुकी है।
इस परियोजना की आधारशिला केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पांच जनवरी को रखेंगे। इसके लिए शृंगवेरपुर धाम में पीडब्ल्यूडी की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं। कोरोना संक्रमण के दौरान मंदी की वजह से केंद्र सरकार की प्राथमिकता सूची से बाहर हुई इस परियोजना को दोबारा वापस लाने का श्रेय डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को दिया जा रहा है।
राम वन गमन मार्ग का भी होगा शिलान्यास
इनररिंग रोड परियोजना के साथ ही राम वन गमन मार्ग की भी आधारशिला पांच जनवरी को रखी जाएगी। 102 किमी लंबे राम वन गमन मार्ग पर 452 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई है। डीपीआर भी तैयार कर लिया गया है। शिलान्यास के बाद इस परियोजना पर भी काम शुरू हो जाएगा।
3-डी के तहत प्रस्ताव मंत्रालय को भेज दिया गया है। पांच जनवरी को शिलान्यास के बाद इस परियोजना के निर्माण के लिए आगे की प्रक्रिया आरंभ कर दी जाएगी। अवार्ड घोषित होने के बाद मुआवजा वितरण शुरू करा दिया जाएगा। -एके राय, परियोजना निदेशक, एनएचएआई।
इनररिंग रोड परियोजना
कुल लंबाई:69 किमी
प्रथम चरण की लंबाई: 29.50 किमी
लागत: 7050 हजार करोड़ रुपये
राम वन गमन मार्ग
लंबाई: 102 किमी
लागत- 452 करोड़ रुपये
अयोध्या से चित्रकूट तक बेहतर कनेक्टिविटी के लिए नेशनल हाईवे खंड ने शुरू किया काम।