गंगा और यमुना के जलस्तर में कमी होने सेे शहर के तीन दर्जन से अधिक मोहल्लों में लोगों ने राहत की सांस ली है लेकिन यहां दूसरी तरह की मुश्किलें खड़ी हो गईं हैं। गंदगी और बदबू से लोगों का सांस लेना मुश्किल हो रहा है। लोग नगर निगम से शिकायत कर रहे हैं। शुक्रवार को कुछ इलाकों में निगम की ओर से साफ-सफाई कराकर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया गया है। पानी कम होने से दारागंज मार्ग पर स्थित एफसीआई गोदाम सुरक्षित हो गया है।
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prayagraj news : गंगा यमुना का जलस्तर तेजी से घट रहा है।
- फोटो : prayagraj
दोनों नदियों के जलस्तर में बृहस्पतिवार की शाम से ही कमी होने लगी थी। शुक्रवार को पानी दिन भर घटता रहा। गंगा के तटीय इलाकों राजापुर में गली नंबर-13, शांतिपुरम, धमशा माई का मंदिर, ऊंचवागढ़ी, ब्लड बैंक के पीछे का हिस्सा, अशोक नगर नेवादा की कई गलियां में पानी देर रात तक दो सौ मीटर तक पीछे खिसक गया है।
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उधर, रसलूबाद रोड, गंगा दर्शन मुख्य मार्ग, मेंहदौरी, बद्री आवास योजना, तिलखाना आदि मुहल्लों में पानी सौ मीटर तक पीछे चला गया है। दारागंज छोटा बघाड़ा, सलोरी, बड़ा बघाड़ा, ओम गायत्रीनगर, शिवकुटी आदि मुहल्लों में भी बाढ़ के पानी में कमी आई है। अलोपीबाग से दारागंज जाने वाले मार्ग पर बना एफसीआई गोदाम के आसपास भी देर रात पानी कम हो गया।
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इन मुहल्लों में लगातार पांच दिनाें तक पानी जमा हाने से नालों, सीवर की गंदगी घरों में पहुंच गई हैै। इससे भयानक दुर्गंध भी आ रही है। राजापुर वार्ड नंबर एक की पार्षद निक्की कुमारी ने बताया कि पानी जरूर कम हो रहा है लेकिन लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। अब भी कई मकानों के भूतल डूबे हुए हैं। इससे मकान जर्जर हो रहे हैं। उधर, रसूलाबाद पार्षद मुकुंद तिवारी ने बताया कि जहां पानी कम हो रहा है, वहां भयानक बदबू आ रही है। लोग अपने घरों में भी जाने से कतरा रहे हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम से इसकी शिकायत कर कई मुहल्लों में गंदगी हटवाई गई है।
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बाढ़ के पानी से मेला का परेड मैदान पानी में डूबा हुआ है। पार्षद कमलेश कुमार ने बताया कि परेड मैदान में अभी एक मीटर से अधिक पानी जमा है। पानी निकालने के लिए मोरी गेट पर लगातार पंप चलाए जा रहे हैं। गंगा के मुकाबले यमुना के तटीय इलाकों में शुक्रवार का पानी काफी कम हुआ है। पार्षद और शहर कांग्रेस अध्यक्ष नफीस अनवर ने बताया कि बृहस्पतिवार को करेलबाग, गौस नगर, करामत की चौकी, गड्ढा कॉलोनी आदि इलाकों में पानी एक से दो मीटर तक कम हुआ है। इससे इन इलाकों में शुक्रवार को नाव चलाने की जरूरत नहीं पड़ी। अब इन इलाकों में पानी कहीं दो फीट तो कहीं तीन फीट तक रह गया है। हालांकि, पानी कम होने से कई तरह की परेशानियां बढ़ गईं हैं। गंदगी और बदबू से लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है।
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prayagraj news : बाढ़ का पानी घटने के बाद मुहल्ले पट गए कचरे से।
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बाढ़ पीड़ितों को शिविरों में भी राहत नहीं
अपना घर होने के बावजूद बेघर हुए लोगों को शिविरों में भी राहत नहीं है। कई शिविर में नियमित तौर पर दूध नहीं दिया गया। दिया भी गया तो सभी को नहीं। ईश्वर शरण इंटर कॉलेज शिविर में पहुंचे शरणार्थियों का कहना था कि उन्हें रोजाना दूध नहीं मिलता। इसके अलावा शुक्रवार को भी जिन लोगों ने मांगा उन्हें ही दूध मिला। इसे लेकर उनमें नाराजगी रही।
हालांकि उनका कहना था कि खाना, केला, लाई, बिस्किट आदि वस्तुएं समय से मिल रही हैं। इसके अलावा शिविर में रहने वालों को पहले बारिश ने रुलाया तो अब वे गर्मी से बेहाल हैं। मेहबूब अली इंटर कालेज समेत कई शिविर में क्षमता से अधिक लोग हैं। ऐसे में उन्हें टीन शेड में शरण लेना पड़ा है लेकिन पंखा नहीं होने से लोग दिन भर परेशान रहे। ऋषिकुल स्कूल में तो शरणार्थियों ने खुद के स्तर पर चौकी, पंखा आदि का इंतजाम कर रखा है।
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prayagraj news : बाढ़ का पानी घटने के बाद मुहल्ले पट गए कचरे से।
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बाढ़ से नुकसान का होगा सर्वे, मिलेगी राहत
बाढ़ से हुए नुकसान का सर्वे होगा। इसके लिए सभी एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं। जिनके मकान गिर गए तथा फसल बर्बाद हो गई है उन्हें आर्थिक मदद दी जाएगी। कोरांव को छोडक़र अन्य सभी तहसील के दर्जनों गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। करीब 100 गांव बाढ़ से बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। पूरा इलाका बाढ़ में डूब गया है।
इसके अलावा नदियों के किनारे हजारों बीघे फसल पूरी तरह से डूब गई है, जिससे किसानों का भारी नुकसान हुआ है। शहरी क्षेत्र में भी दो दर्जन से अधिक मोहल्लों के हजारों घरों में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। हालांकि, शहरी क्षेत्र में अभी तक कोई मकान गिरने की सूचना नहीं है। एडीएम वित्त एवं राजस्व एमपी सिंह ने बताया कि तहसील स्तर पर नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए निर्देश दिए गए हैं। जिनके मकान गिर गए हैं उन्हें मुआवजा दिया जाएगा।
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फसल का बीमा कराने वाले किसानों को ही मिलेगी मदद
एसडीएम के निर्देशन में बाढृ से प्रभावित कृषि योग्य भूमि का सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद कृषि विभाग की मदद से बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का आकलन कराया जाएगा। इसी आधार पर किसानों को मुआवजा मिलेगा लेकिन इसका लाभ फसलों का बीमा कराने वालों को ही मिलेगा। प्रधानमंत्री फसल बीमा न कराने वाले किसानों को नुकसान का कोई मुआवजा नहीं मिलेगा।
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prayagraj news : बाढ़ पीड़ितों को राहत किट प्रदान करतीं सांसद रीता बहुगुणा जोशी।
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शरणार्थियों को दी गई राशन किट
बाढ़ में फंसे गरीब तथा राहत शिविर में शरण लेने वालों को राशन किट उपलब्ध कराई जाएगी। इसका भी सर्वे शुरू हो चुका है। शुक्रवार को तीन शिविर के शरणार्थियों को राशन किट का वितरण भी किया गया। यमुना एवं गंगा नदी के जलस्तर में कमी के साथ ससुर खदेरी समेत कई अन्य छोटी नदियों में पानी घटने लगा है। ऐसे में एक-दो दिनों में यमुना क्रिश्चियन कालेज, डीएवी एवं गौस नगर स्थित चेतना गल्र्स इंटर कालेज आदि शिविर से लोगों के जाने का क्रम भी शुरू होने की उम्मीद है। इसलिए इन शिविरों में रहने वाले करीब 90 परिवार को राश्न किट वितरित किए गए। सांसद डॉ.रीता बहुगुणा जोशी ने राशन वितरित किए। उन्होंने कई मोहल्लों में भी राशन किट वितरित किए। एडीएम वित्त एवं राजस्व ने बताया कि सर्वे के आधार पर अन्य प्रभावित परिवारों को भी राशन किट उपलब्ध कराए जाएंगे।
prayagraj news : बाढ़ पीड़ितों की मदद करते एनडीआरएफ के जवान।
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बांटी राहत सामग्री
सिविल डिफेंस की ओर से बाढ़ से प्रभावित सलोरी, गोविंदपुर आदि क्षेत्रों में ब्रेड बिस्किट, लाई, दूध आदि का वितरण किया गया। इन क्षेत्रों मं बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र रहते हैं, जो घर नहीं जा सके। इन्हें मदद पहुचाने की लगातार मांग की जा रही थी। ऐसे में शुक्रवार को इन्हें खाद्य सामग्री वितरण पर ज्यादा जोर रहा। वितरण बंगलूरू की संस्था रैपिड़ो की मदद से किया गया। वितरण करने वालों में विधायक हर्षवर्धन बाजपेई, सर्वेश कुमार, मुकेश सिंह, सिविल डिफेंस के स्टाफ ऑफिसर रवि शंकर द्विवेदी, सुनील कुमार गुप्ता आदि शामिल रहे। इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष अदील हमजा, अतुल यादव, धर्मेंद्र, इकरार आदि ने फाफामऊ के नरहां, मोतीलाल का पूर, महराजपुर, दादनपुर, सिंघापुर, अलीमपुर, शाहजादपुर आदि गांवों मेंभ्भोजन आदि वितरित किए।
सफाई कराने की मांग
नदियों के जलस्तर में कमी के बाद करेली के गड्ढा कालोनी, सलोरी, बघाड़ा, बलुवाघाट, कीडगंज आदि क्षेत्रों के कई गलियों से पानी हटने लगा है लेकिन वहां गंदगी का ढेर है। इससे पूरे क्षेत्र में दुर्गंध तथा बीमारियों का खतरा बन गया है। मो.तहजीब अहमद, सपा महानगर अध्यक्ष इफ्तेखार हुसैन, सै.मो.अस्करी, पूर्व विधायक परवेज अहमद, रवींद्र यादव आदि ने इन क्षेत्रों का निरीक्षण किया और सफाई कराने की मांग की।