पुलिस में अशरफ की पिस्टल बरामद कर ली है। अशरफ ने अपने करीबी अबू तालिब उर्फ एसपी सिटी के लाल बिहारा स्थित घर में पिस्टल छिपा कर रखी थी। पुलिस ने तालिब उर्फ एसपी सिटी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। 24 घंटे तक अशरफ से पूछताछ के बाद उसे शुक्रवार को वापस जेल भेज दिया गया।
धूमनगंज पुलिस ने अशरफ की लाइसेंसी पिस्टल बरामद करने के लिए अदालत से उसकी कस्टडी रिमांड ली थी। अशरफ दिनभर पुलिस वालों से यही कहता रहा कि पिस्टल के बारे में और कुछ नहीं जानता। जब वह फरार हुआ तो न तो पिस्टल ले गया था न ही मोबाइल। देर रात पुलिस ने दूसरा उपाय अपनाया। पुलिस ने उसके एक करीबी का नाम लेते हुए कहा कि अगर उसने पिस्टल बरामद नहीं करवाई तो पुलिस उस करीबी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लेगी।
इतना ही नहीं, उसके ससुराल वालों को भी उस मुकदमे में आरोपी बनाया जाएगा। उस करीबी का नाम सुनते ही अशरफ टूट गया। उसने पुलिस वालों से ही मोबाइल लिया और लाल बिहारा में रहने वाले अपने करीबी तालिब उर्फ एसपी सिटी को फोन मिलाया।
दोनों में बात होने के बाद पुलिस की एक टीम तालिब के घर पहुंची। घर के अंदर वाले कमरे में अलमारी के अंदर अशरफ की पिस्टल छिपा कर रखी गई थी। अशरफ की पिस्टल पहली बार बरामद की गई है। वह 2007 में जब फरार हुआ तो 2011 में पकड़ा गया था। उसमें भी पुलिस ने उसकी लाइसेंसी पिस्टल बरामद करने के लिए उसे कस्टडी रिमांड पर लिया था लेकिन पिस्टल बरामद नहीं हो पाई थी।
पिस्टल बरामदगी के बाद अशरफ से राजू पाल हत्याकांड समेत कई मामलों में पूछताछ की गई। इंस्पेक्टर धूमनगंज शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि अशरफ से कई टीमों ने पूछताछ की है। कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी मिली हैं। उस पर पुलिस अब काम करेगी। अशरफ को शुक्रवार को कस्टडी रिमांड खत्म हो जाने के बाद वापस जेल पहुंचा दिया गया।
अब्दुल कवी के बारे में भी पूछताछ
अशरफ से तमाम मुकदमा विवादों और झगड़ों के बारे में पूछताछ की गई। राजू पाल हत्याकांड में सरायअकिल का रहने वाला अब्दुल कवी आज तक पकड़ा नहीं गया। उसके बारे में भी पुलिस ने अशरफ से पूछा कि वह कहां है। आशा का कहना था कि लंबे समय से उस उसके बारे में वह कुछ नहीं जानता।