कर्नलगंज में सीएम पर टिप्पणी और हॉस्टल में बवाल मामले में कर्नलगंज पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। हाल यह है कि 17 दिन बीतने के बाद भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है। नामजद नौ आरोपियों में से अब तक एक को भी गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। न ही अज्ञात आरोपियों को चिह्नित किया गया है।
घटना तीन जनवरी को हुई थी जिसमें जमकर बवाल हुआ था। साइंस फैकल्टी गेट के सामने स्थित लाइब्रेरी में शनि सिंह निवासी चंदौली और मुस्लिम बोर्डिंग के एक छात्र के बीच किसी बात को लेकर विवाद के बाद मारपीट हो गई थी। कटरा में रहकर तैयारी करने वाले शनि ने आरोप लगाया कि लाइब्रेरी में मो. सरफराज व मो. ओबैदा सीएम योगी पर अभद्र टिप्पणी कर रहे थे।
विरोध पर वह आसिफ समेत अपने दो अन्य साथियों संग मिलकर उसे पीटने लगे। इसके बाद हॉस्टल से अपने 50-60 साथियों को बुला लाए और घेरकर उसे हॉकी, डंडों व तमंचे की बट से पीटा। तमंचे की बट से आंख पर हमला किए जाने से वह बेहोश हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस के कहने पर हमलावरों की पहचान कराने वह फोर्स संग मुस्लिम बोर्डिंग हॉस्टल में गया तो वहां गालीगलौज करते हुए पथराव किया गया।
जिसके बाद पुलिस ने मो. सरफराज, मो. ओबैदा, आसिफ, मुबस्सिर हारून, अली नवाज खान, जफर, मो. शबीर, शलाबुद्दीन खान व 50-60 अज्ञात पर केस दर्ज किया था। हाल यह है कि घटना को 17 दिन बीत चुके हैं लेकिन अब तक आरोपी पुलिस के हाथ नहीं आए हैं। नामजद आरोपी पकड़े नहीं गए और अज्ञात आरोपियों को भी चिह्नित नहीं किया जा सका। कर्नलगंज सीओ अजीत सिंह चौहान का कहना है कि तलाश में टीमें लगी हैं। फिलहाल आरोपियों का पता नहीं चल सका है।