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प्रयागराज में बंद का असर, स्कूल-कॉलेज तक नहीं खुले, पेट्रोल पंपों पर लगा रहा ताला

Tue, 27 Aug 2019 11:59 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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प्रयागराज बंद - फोटो : अमर उजाला
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शिक्षा सेवा अधिकरण समेत अन्य सरकारी कार्यालयों के लखनऊ स्थानांतरण के विरोध में मंगलवार को ‘प्रयागराज बंद’ का व्यापक असर रहा। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के आह्वान पर प्रयागराज की अस्मिता बचाने के लिए हर वर्ग के लोग एकजुट होकर सड़कों पर उतरे। 

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पुराने शहर चौक-कटरा से लेकर सिविल लाइंस तक प्रतिष्ठानों के शटर नहीं खुले। अधिकतर निजी स्कूल-कॉलेज बंद रहे। आटो रिक्शा न चलने से रेलवे स्टेशन, बस अड्डा तक आने-जाने में यात्रियों को जबरदस्त परेशानी हुई। चाय-पान तक के लिए लोगों को तसरना पड़ा। 

आपात सेवाओं अस्पताल और मेडिकल स्टोर को छोड़ पेट्रोल पंपों समेत सभी प्रतिष्ठान बंद रहे। छात्र, व्यापारी और वामपंथी संगठनों के लोग जुलूस की शक्ल में निकले और नारेबाजी करते हुए सुभाष चौराहे पर सभा में पहुंचे। 
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वकीलों के साथ लोगों ने दलगत भावना से ऊपर उठकर एकजुटता प्रदर्शित की। सुभाष चौराहे पर दोपहर बाद हुई सभा में अधिकरणों, दफ्तरों की शिफ्टिंग के विरोध में आरपार के संघर्ष का एलान किया गया। चेताया गया कि प्रयागराज की गरिमा और अस्मिता से छेड़छाड़ किसी कीमत पर नहीं होने दी जाएगी। 

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ये हैं प्रमुख मुद्दे

-शिक्षा सेवा अधिकरण की स्थापना प्रयागराज में की जाए
-जीएसटी अपीलीय अधिकरण प्रयागराज में स्थापित हो
-आवासीय एवं वाणिज्यिक संस्थानों की गृहकर वृद्धि पर रोक लगे
-सरकारी कार्यालयों के स्थानांतरण पर रोक लगाई जाए
-अब तक स्थानांतरित किए जा चुके दफ्तरों को प्रयागराज में फिर से स्थापित किया जाए
-नैनी औद्योगिक क्षेत्र के पुनरोद्धार के साथ निवेश की व्यवस्था कर रोजगार सृजन किया जाए
-इलाहाबाद विश्वविद्यालय व संघटक महाविद्यालयों में छात्र संघों की बहाली की जाए
-सेवा निवृत्त कर्मचारियों के हित में पुरानी पेंशन योजना की बहाली की जाए
-प्रयागराज में एम्स व पीजीआई जैसे चिकित्सकीय संस्थानों की स्थापना हो
-उच्च स्तरीय तकनीकी विद्यालयों, विश्वविद्यालयों की स्थापना की जाए
-रेल उत्पादन इकाई व वर्कशॉप खोली जाए
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हमने जो मुहिम शुरू की है उसे मंजिल तक ले जाएंगे। शहर के हर वर्ग की एकजुटता और सहयोग से ही बंद का आह्वान सफल हुआ। इससे यह भी साबित हो गया है कि राजनीतिक नेतृत्व से प्रयागराज के लोगों की उम्मीदें समाप्त हो रही हैं। जिस तरह से इस शहर की गरिमा से छेड़छाड़ की जा रही है, उस दौर में हर नागरिक का एकजुट होना जरूरी हो गया है। 
राकेश पांडेय, अध्यक्ष-हाईकोर्ट बार एसोसिएशन

यह प्रयागराज की प्रतिष्ठा की लड़ाई है। दफ्तरों को शिफ्ट कर शहर की ताकत को कमजोर करने की साजिश हो रही है और इससे हर व्यक्ति नाराज है। इस मुद्दे पर हम आगे भी पूरी ताकत से एक रहेंगे। 
विजय अरोरा, अध्यक्ष- प्रयाग व्यापार मंडल
 
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