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Prayagraj: एसआरएन में कैथ लैब सुविधा शुरू, हुई पहली एंजियोप्लास्टी

Wed, 13 Apr 2022 01:00 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • 0  इंट्राकोरोनरी अल्ट्रासाउंड, एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, डिवाइस प्लेसमेंट, पेसमेकर, बैलून वाल्वोप्लास्टी के लिए मरीजों को नहीं लगाने होंगे निजी अस्पतालों के चक्कर
  • 0 हृदय रोग से पीड़ित मरीजों को एसआरएन में कम खर्च में मिलेगी निजी अस्पतालों की सुविधा
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एसआरएन में कैथ लैब - फोटो : Prayagraj
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विस्तार
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हृदय रोगियों को कई बार बेहतर इलाज और ऑपरेशन के लिए निजी अस्पतालों या फिर लखनऊ व दिल्ली के अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। लेकिन अब उनको एसआरएन अस्पताल में ही कई जटिल ऑपरेशन और इलाज की सुविधा मिल सकेगी। लंबे इंतजार के बाद मंगलवार को एसआरएन अस्पताल में कैथ लैब की शुरूआत हो गई। एमएलएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने कैथलैब का उद्घाटन किया। इसके साथ ही आधुनिक मशीनों से हृदय रोगियों के इलाज की शुरूआत हो गई।
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प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत एसआरएन में निर्मित सुपर स्पेशियलियटी चिकित्सालय में बने कैथलैब की शुरूआत होने के बाद सबसे पहले एंजियोप्लास्टी सर्जरी की गई। कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टरों की टीम ने प्रतापगढ़ के कंधई निवासी मो. सईद की एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की। इसके साथ ही हृदय रोग से पीड़ित दो अन्य मरीजों की भी सफलतापूर्वक एंजियोग्राफी भी की गई।


सभी ऑपरेशन सफल रहे। कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने बताया कि एसआरएन में कैथलैब की शुरूआत के बाद मरीजों को हदय से जुड़ी गंभीर बीमारियों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। उनको निजी अस्पतालों जैसी सुविधाएं एसआरएन अस्पताल में कम कीमत पर मिल सकेंगी। जिससे मरीज और उनके तीमारदारों की जेब पर इलाज का बोझ कम होगा। 
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60 करोड़ की लागत से तैयार हुई है कैथलैब
प्रयागराज। एसआरएन में तैयार कैथलैब में आधुनिक मशीनों से मरीजों का इलाज होगा। इसको तैयार करने में 60 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अभिषेक सचदेवा ने बताया कि कैथ लैब का सबसे ज्यादा फायदा एंजियोप्लास्टी में मिलेगा। साथ ही इंट्रावैक्सकुलर अल्ट्रासाउंड की भी सुविधा यहां उपलब्ध है। जिसके जरिए डॉक्टर मशीन के द्वारा हृदय के गड़बड़ी नसों का परीक्षण कर सकेंगे।

कैथलैब में आइवस ओसीटी मशीन लगी है। इससे हृदय के अंदर तक परीक्षण किया जा सकता है। इसमें हृदय में सूजन, ब्लाकेज की सटीक जानकारी मिलेेगी। इसके साथ ही इंट्राकोरोनरी अल्ट्रासाउंड, एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, डिवाइस प्लेसमेंट, पेसमेकर और बैलून वाल्वोप्लास्ट कराने की सुविधा भी यहां पर उपलब्ध होगी।

कैथलैब में इस्टंट लगवाने पर करीब 60 हजार का खर्च आएगा। जबकि निजी अस्पताल में इसके लिए करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इसके साथ ही कैथलैब में एंजियोग्राफी कराने पर सभी प्रकार के सामान के साथ 5 से 6 हजार का ही खर्च आएगा। एंजियोप्लास्टी 50 से 60 हजार रुपये में आसानी से हो जाएगी। 

कैथलैब की शुरूआत होने के बाद लोगों को हृदय रोगों के इलाज में होने से वाले बड़े खर्च से राहत मिलेगी। यहां अत्याधुनिक मशीनें लगाई गई हैं। जिससे मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके। डॉ. एसपी सिंह, प्राचार्य, एमएलएन मेडिकल कॉलेज
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