जिले में कोरोना का कहर बढ़ता ही जा रहा है। संक्रमण से प्रभावित सर्वाधिक जिलों में प्रयागराज अब प्रदेश में चौथे स्थान पर पहुंच गया है। शासन की ओर से रविवार को जारी की गई टॉप फाइव जिलों की सूची में पहले नंबर पर लखनऊ, दूसरे नंबर पर कानपुर नगर, तीसरे पर गाजियाबाद और चौथे नंबर पर प्रयागराज का नाम है। अभी तक इस स्थान पर गौतमबुद्धनगर था, लेकिन संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण प्रयागराज ने उसे पीछे छोड़ दिया।
उल्लेखनीय है कि जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार थामने के लिए आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे सर्वे और ट्रेसिंग की रोज निगरानी की जा रही है। बावजूद इसके नए संक्रमित बढ़ते जा रहे हैं। हालांकि कोरोना के नोडल इंचार्ज डॉ. ऋषि सहाय का कहना है कि सर्वे की बदौलत ही नए मरीज सामने आ रहे हैं। वहीं दो स्वास्थ्य अधिकारियों का इसके विपरीत मत है, उनका कहना है कि सर्वे का बहुत असर नहीं दिखाई दे रहा है। लोग आशा, आंगनबाड़ी या एएनएम को बीमारी के बारे में बताना ही नहीं चाहते हैं।
हालात यह हैं कि 100 घरों का सर्वे किया जाता है तो 20 फीसदी लोग ही इस कार्य में सहयोग करते हैं। बाकी 80 फीसदी लोग संदिग्ध होने के बावजूद जानकारी नहीं दे रहे हैं। इसका परिणाम है कि सर्वे और ट्रेसिंग का असर कम है। सर्वे के काम की निगरानी कर रहे दो चिकित्सकों ने बताया कि संदिग्धों की कोरोना जांच में निजी प्रैक्टिशनर्स की भूमिका लगभग नगण्य है। टीबी चेस्ट से जुड़े या जनरल फिजीशियन, आयुष विधा वाले निजी प्रैक्टिशनर्स दिन भर में दर्जनों मरीज देख रहे हैं। लक्षण होने के बावजूद वे जांच की सलाह नहीं दे रहे हैं। कई ऐसे भी मामले सामने आए हैं।