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सर्राफा कारोबारी के निधन की खबर से व्यापारी दुखी, व्यापारी बोले- उनकी कमी की कभी नहीं हो पाएगी भरपाई

Mon, 24 Aug 2020 01:25 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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prayagraj news : आनंद सिंह (फाइल फोटो)। - फोटो : prayagraj
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शहर में बड़े कारोबारियों में शामिल राणा ज्वैलर्स के आनंद सिंह के निधन पर व्यापारियों ने दुख जताया है। उनके निधन की सूचना मिलते ही तमाम व्यापारी उनके सिविल लाइंस स्थित आवास पर भी पहुंचे। कोविड-19 की वजह से अधिकांश व्यापारियों ने सोशल डिस्टेसिंग का भी पालन किया। इस दौरान तमाम व्यापारिक संगठनों की ओर से शोकसभा भी हुई।
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उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की वर्चुअल शोकसभा में सर्राफा व्यवसायी आनंद सिंह की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इस अवसर पर नगर अध्यक्ष योगेश गोयल, नवनी अग्रवाल, विपुल मित्तल आदि मौजूद रहे। प्रयाग सर्राफा कमेटी के अध्यक्ष दिनेश सिंह ने उनके निधन को अपूर्णनीय क्षति बताया।

कहा कि कोविड-19 की वजह से उनका निधन हुआ। उन्हीं की वजह से पथरचट्टी रामलीला को नया मुकाम हासिल हुआ। व्यापारी नेता एवं पथरचट्टी रामलीला कमेटी के मंत्री विजय वैश्य ने भी शोकसभा कर आंनद सिंह की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इस अवसर पर बसंत लाल आजाद, सतीश चंद्र केसरवानी, कन्हैया लाल गुप्ता, रमेश चंद जायसवाल, असमत कमाल बाबा, सुधीर शर्मा आदि मौजूद रहे। 
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इसी क्रम में प्रयाग व्यापार मंडल के संरक्षक आनंद सिंह के निधन पर संगठन से जुड़े पदाधिकारियों ने भी शोक जताया है। शोकसभा में कहा गया कि आभूषण के व्यापार में शहर को बुलंदी तक ले जाने वाले आनंद सिंह एक व्यापारी होने के साथ साथ तमाम समाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के जूड़े रहें ।

दशहरे की रामलीला के साथ साथ प्रति वर्ष राम नवमी के शुभ अवसर पर राजगद्दी समारोह के अवसर पर मुंबई से फिल्मी जगत के कलाकारों को बुलाकर के प्रयागवासियों का गौरव बढ़ाया। व्यापार मंडल की ओर से विजय अरोरा , सोहैल अहमद , मो क़ादिर , सुशील खरबंदा , सरदार जोगिंदर सिंह, शिवशंकर सिंह,  गुरुचरण अरोरा चन्नी, इंदर मध्याहन, राकेश चड्ढा, गिरधारी अग्रवाल, अनिल दुबे, अखिलेश सिंह आदि ने भी शोक जताया।

रामलीला के साधकों के लिए अपूर्णनीय क्षति

वरिष्ठ साहित्यकार हरिमोहन मालवीय ने आनंद सिंह के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह न  केवल मेरे लिए वरन प्रयागराज के सभी रामलीला के साधकों के लिए एक अपूरणीय क्षति है। पथरचट्टी रामलीला की स्मारिका के संपादक के रूप में कार्य करते हुए मेरा उनके साथ अत्यंत निकटस्थ सहयोग और लगाव रहा है। वहीं, दूसरी ओर एनसीआर के पीआरओ डा. अमित मालवीय ने कहा कि रामलीला महामंत्री के रूप से इस लोक कला माध्यम को अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने में उनका अद्वितीय योगदान दिया।

पथरचट्टी रामलीला को नई ऊंचाई तक ले गए थे आनंद

पथरचट्टी रामलीला कमेटी को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में सर्राफा कारोबारी आनंद सिंह का विशेष योगदान रहा। इतना ही नहीं, रामबाग स्थित नवग्रह मंदिर निर्माण के लिए पांच करोड़ की राशि जुटाने में भी उनका अहम योगदान रहा। मंदिर में स्थापित मूर्तियां उन्होंने अपने पिता की स्मृति में भेंट की थी। आज वह भले ही इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उनकी यादें हमारें दिलों में रहेंगी। यह बातें रविवार को कमेटी के प्रवक्ता लल्लू लाल गुप्ता ने साझा कीं।

आनंद सिंह से जुड़े संस्मरण को याद करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने वर्ष  1997 में कमेटी में महामंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद का कार्यभार संभाला था , तब से निरंतर वे इसी पद पर विराजमान थे । श्री राम दरबार मंदिर का निर्माण भी उन्हीं के सद्प्रयासों का फल है। आनंद सिंह की वजह से ही रामलीला ‘कथा रामराज की’ को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं। उसी का परिणाम रहा कि पथरचट्टी की रामलीला को एक प्रतिष्ठित चैनल द्वारा वर्ष 2016 में भारत की सर्वश्रेष्ठ रामलीला का पुरस्कार मिला। कमेटी परिसर में ही निर्मित ‘गंगावतरण’ की मनोरम झांकी का बड़े ही भाव से उन्होंने निर्माण कराया था।

नवग्रह मंदिर के गर्भगृह में एक साथ 2000 व्यक्तियों के बैठने की क्षमता वाले प्रेक्षागृह ( आडिटोरियम ) का भी निर्माण कराके उन्होंने एक कठिन योजना को मूर्तरूप देने का कार्य किया था। इन दोनों का निर्माण तो अरसे पहले पूरा हो गया था लेकिन ये दोनों ही निर्माण उनके जीवनकाल में लोकार्पण से वंचित रह गए । लल्लू लाल ने बताया कि सिविल लाइंस निवासी आनंद सिंह अपने पीछे एक पुत्र , एक पुत्री , सात सगे भाई से भरापूरा परिवार छोड़ गए हैं । कहा कि  कार्यकारी अध्यक्ष मुकेश पाठक के नेतृत्व में सोमवार 24 अगस्त को एक शोकसभा भी आयोजित की गई है।
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