स्वच्छता के मामले में शहरियों के लिए मायूस करने वाली खबर है। केंद्र सरकार की ओर से शनिवार को जारी स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 की रैकिंग में प्रयागराज छह पायदान नीचे खिसक गया है। प्रयागराज को 26वां स्थान मिला है। जबकि, पिछले वर्ष प्रयागराज का 20वां स्थान था। हालांकि, जीएफसी रैकिंग में प्रयागराज ने प्रथम स्थान हासिल किया है। जबकि स्वच्छ सर्वेक्षण रैकिंग 2020 में स्थान पाले वाले यूपी के 18 जिलों में प्रयागराज को पांचवां स्थान मिला है।
केंद्र सरकार की ओर से जारी रिपोर्ट में प्रयागराज के मुकाबले लखनऊ, गाजियाबाद, कानपुर और आगरा रैकिंग में आगे हैं। प्रदेश की राजधानी लखनऊ 12वें स्थान पर है। हालांकि, वाराणसी चार पायदान पीछे है। वाराणसी को 30वां स्थान मिला है। प्रयागराज को कुल 3613.72 स्कोर मिले हैं। इससे यूपी में प्रयागराज का पांचवां स्थान हैं। इसके पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं। कहा जा रहा है कि कूड़े का सेग्रीगेशन, लीगेसी वेस्ट का वैज्ञानिक विधि से निस्तारण न हो पाना, सी एंड डी वेस्ट प्लांट का संचालन न होना आदि कमियां है।
इस वजह से इसकी रैंकिंग में गिरावट आई है। रिपोर्ट के मुताबिक सर्वेक्षण में शहर के 1256 लोगों को शामिल किया गया था। महापौर अभिलाषा गुप्ता ने स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 में प्रदान किए गए योगदान के लिए आभार जताया। साथ ही लोगों से स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में सुधार के लिए सहयोग की अपील की। कहा कि बिना लोगों के सहयोग के रैंकिंग में सुधार नहीं हो सकता है।