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यूपी : नकल माफिया का गढ़ बनी संगमनगरी, हर परीक्षा में सेंधमारी

Mon, 30 Oct 2023 10:46 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

एक दिन पहले पीईटी में जिस नकल माफिया गिरोह का भंडाफोड़ हुआ, उसका सरगना दीपक पटेल भी प्रयागराज के फाफामऊ में बैठकर यह पूरा खेल संचालित कर रहा था। इससे पहले दर्जनों बार प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंधमारी के तार संगमनगरी से जुड़ चुके हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
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विस्तार
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एसएससी से लेकर यूपीएसएससी तक, लेखपाल से लेकर पात्रता परीक्षा तक प्रतियोगी परीक्षाओं में संगमनगरी नकल माफिया का गढ़ बनती जा रही है। परीक्षाओं में सेंधमारी के तार हर बार प्रयागराज से जुड़ रहे हैं। हाल यह है कि सरगना के साथ ही उनके दर्जनों गुर्गों के जेल जाने के बाद भी नकल माफिया पर पूरी तरह लगाम नहीं लगाई जा पा रही है।

एक दिन पहले पीईटी में जिस नकल माफिया गिरोह का भंडाफोड़ हुआ, उसका सरगना दीपक पटेल भी प्रयागराज के फाफामऊ में बैठकर यह पूरा खेल संचालित कर रहा था। इससे पहले दर्जनों बार प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंधमारी के तार संगमनगरी से जुड़ चुके हैं। फरवरी में केंद्रीय विद्यालयों के लिए हुई शिक्षक पात्रता परीक्षा में प्रयागराज से छह सॉल्वर गिरफ्तार किए गए।

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मार्च में रेलवे की ग्रुप सी भर्ती परीक्षा के दौरान चार साॅल्वर पकड़े गए। पिछले साल जुलाई में लेखपाल भर्ती परीक्षा में सेंधमारी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ। एसटीएफ ने खुलासा किया कि गिरोह प्रयागराज से संचालित किया जा रहा था, जिसके सरगना सोरांव निवासी नरेंद्र कुमार पटेल व संदीप पटेल थे। 2021 में टीजीटी परीक्षा के दौरान सॉल्वर गिरोह का भंडाफोड़ हुआ था, जिसका सरगना सोरांव निवासी धर्मेंद्र कुमार था।

तीन साल में दर्ज हुए 38 मामले

पिछले तीन साल की बात करें तो केवल प्रयागराज में परीक्षाओं में सेंधमारी के 38 मामले सामने आए हैं। इनमें 45 से ज्यादा लोग गिरफ्तार भी हुए। इनमें से कुछ मामले रुपये लेकर दूसरे की जगह परीक्षा में बैठने तो अन्य मामले सॉल्वर बैठाने, नकल कराने, परीक्षा पास कराने का ठेका लेने से संबंधित रहे। यह आंकड़े बताते हैं कि किस तरह से संगमनगरी नकल माफिया का गढ़ बनती जा रही है।

कई प्रदेशों में फैलाया था जाल

तीन साल पहले परिषदीय विद्यालयों के लिए हुई 69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा में सेंधमारी कर प्रदेशभर में कुख्यात हुए नकल माफिया केएल पटेल भी अपना गिरोह प्रयागराज से ही संचालित करता था। उसने न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि अन्य प्रदेशों में भी जाल फैलाया था। मूल रूप से बहरिया के कप्सा गांव का रहने वाला केएल पटेल 69 हजार शिक्षक भर्ती के साथ ही रेलवे ग्रुप डी भर्ती, लेखपाल भर्ती समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली करा चुका है।

मप्र के व्यापम घोटाले में भी उसका नाम आया था। 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में गिरफ्तार कर उसे सोरांव पुलिस ने जेल भेजा था। उस पर शिवकुटी व सोरांव में गैंगस्टर के दो समेत कुल चार मुकदमे दर्ज हैं। पिछले साल उसकी करोड़ों की संपत्ति भी कुर्क की गई थी। पिछली कई परीक्षाओं में सेंधमारी करने वाले गिरोह के सदस्यों से पूछताछ में पता चला था कि वह केएल पटेल के लिए ही काम करते थे।

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सरगना पर कसा शिकंजा, अब सदस्यों की बारी

प्रयागराज व आसपास के क्षेत्रों में नकल माफिया की कमर तोड़ने वाली एसटीएफ की प्रयागराज इकाई के अफसरों का मानना है कि केएल पटेल जैसे तमाम बड़े माफिया पर शिकंजा कसा जा चुका है। अब इनके सदस्यों की बारी है, जिन पर लगातार कार्रवाई हो रही है। प्रयागराज एसटीएफ के प्रभारी डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह बताते हैं कि पिछले कुछ सालों की बात की जाए तो नकल रैकैट से जुड़े 50 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

वह यह भी बताते हैं कि अब ज्यादातर मामले ऐसे हैं जिनमें परीक्षा पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से ठगी की जा रही है। बिहार से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों को चंद रुपयों का लालच देकर दूसरे की जगह परीक्षा में बैठने को राजी कर लिया जाता है। उन्होंने बताया कि नकल रैकेट संचालित करने वालों पर एसटीएफ लगातार कार्रवाई कर रही है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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