धूमनगंज के पीपलगांव में रहने वाले वृद्ध दंपती ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली। मृतकों मेें 85 वर्षीय जगन्नाथ व 80 वर्ष की उनकी पत्नी फूलमती शामिल हैं। चर्चा रही कि बेटे की उपेक्षा से दुखी होकर दंपती ने यह कदम उठाया। फिलहाल परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया है।
पीपलगांव शाहा में रहने वाले जगन्नाथ दूध का व्यवसाय करते थे। वर्तमान में वह घर पर ही पत्नी फूलमती के साथ रहते थे। उनके दो बेटों की मौत हो चुकी है और बगल में ही सबसे छोटा रामप्रकाश अपने परिवार के साथ रहता था। बुधवार शाम छह बजे के करीब जगन्नाथ व उनकी पत्नी ने जहर खाकर जान दे दी। बहुत देर तक उनके न दिखाई देेने पर बेटा रामप्रकाश पहुंचा तो माता-पिता को मृत पड़ा देख उसके होश उड़ गए।
सूचना पर आसपास के लोग और फिर पुलिस पहुंच गई। जांच पड़ताल के बाद दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए। पूछताछ में बेटे ने बताया कि उसकी मां को कम दिखाई पड़ता था व वह बीपी समेत अन्य बीमारियों से ग्रसित थी। पिता भी बीमार रहते थे।
उधर पुलिस के मुताबिक, आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि दंपती की अपने बेटे से बनती नहीं थी। शाम को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। इससे पहले मौत का कारण स्पष्ट न होने पर डॉक्टरों ने विसरा प्रिजर्व कर जांच के लिए भेज दिया। धूमनगंज इंस्पेक्टर शमशेर बहादुर ने बताया कि पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों ने विसरा प्रिजर्व कर जांच के लिए भेजा है।
चार महीने पहले हुआ था विवाद
पत्नी समेत आत्महत्या करने वाले जगन्नाथ का चार महीने पहले अपने बेटे से विवाद हुआ था। पुलिस का कहना है कि यह भी बात सामने आई थी कि बेटे के व्यवहार से क्षुब्ध होकर उन्होंने आत्महत्या तक करने की भी बात सोच ली थी। यह पता चला था कि वह जहर लेने के लिए निकले हैं। जानकारी पर चौकी पुलिस ने घर पहुंचकर बात की तो उन्होंने यह भी कहा था कि स्थितियां ऐसी हो गई हैं कि अब जान देनी ही पड़ेगी। तब पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाकर किसी तरह मनाया था।