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प्रयागराजः सिर पर गहरे जख्म कर रहे हत्या की ओर इशारा 

Sun, 26 May 2019 01:19 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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dhoomanganj - फोटो : प्रयागराज
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प्रीतमनगर निवासी प्रधानाचार्य प्रमोद चौधरी और उनकी लिव इन पार्टनर राखी यादव की मौत का मामला शनिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद उलझ गया। रिपोर्ट में दोनों के सिर में चोट के गहरे निशान मिले हैं। राखी के सिर की हड्डियां टूटी हुईं थीं, जबकि प्रमोद के सिर में भी बड़ा घाव था। इसके अलावा प्रमोद के सीने से गोली का सीधे पार होना भी डॉक्टरों को हैरान कर रहा है। उनका कहना है कि अमूमन खुद को गोली मारने पर ऐसा नहीं होता। 
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शुक्रवार को एक सनसनीखेज वारदात में कौशाम्बी के एक विद्यालय में तैनात प्रधानाचार्य प्रमोद चौधरी ने अपने लिव इन पार्टनर की गोली मारने के बाद खुद को भी गोली मार ली थी। पहली नजर में मामला आत्महत्या का लगा, लेकिन शनिवार को जब डॉक्टरों के पैनल ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम किया तब कहानी उलटती हुई दिखी। पोस्टमार्टम में राखी के सिर के बीचोबीच जख्म के गहरे निशान मिले।

संभावना जताई गई कि किसी रॉड से हमला किया गया, जिससे सिर की हड्डियां टूट गई। सिर में गहरे जख्म से राखी कोमा में चली गई। इसके बाद सवाल उठा कि राखी के बेहोश होने के बाद उसे गोली मारी गई या फिर गोली मारने के बाद उसके सिर पर रॉड मारा गया? पुलिस का कहना है कि अमूमन बेहोश होने के बाद गोली मारने के मामले कम ही सामने आते हैं। वहीं प्रमोद के सिर पर भी गहरे जख्म मिले हैं। सामान्यता यह जख्म भीषण मारपीट के बाद आते हैं, लेकिन पुलिस को इस सवाल का जवाब नहीं मिला है कि घटना से पहले ही दोनों के बीच रॉड लेकर मारपीट हुई थी या नहीं। 
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dhoomanganj - फोटो : प्रयागराज
प्रधानाचार्य प्रमोद चौधरी के कुछ समय पहले गंभीर रूप से बीमार पड़ने के दौरान राखी को उनकी देखभाल के लिए लगाया गया था। उस समय राखी एक अस्पताल में नर्स थी। प्रमोद की देखभाल के साथ उनको ड्रिप लगाने वह घर आती थी। उसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां हो गईं। प्रमोद के छोटे भाई अनिल चौधरी के मुताबिक राखी मूल रूप से सिराथू के पटेल परिवार की थी, लेकिन उसने अपना नाम राखी यादव ही बताया था।

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अनिल के मुताबिक प्रमोद शुरू से एकांकी जीवन पसंद करते थे। वर्ष 1998 में देवरिया से नौकरी शुरू करने के बाद 1993 मेें वह पुरामुफ्ती में आ गए, लेकिन परिवार के लोगों से अधिक मतलब नहीं रखते थे। उनका विवाह कौशाम्बी में निर्मला देवी से हुआ, जिससे उनको एक लड़की एवं दो जुड़वा लड़के हुए। लेकिन, करीब डेढ़ साल पहले निर्मला की हार्टअटैक से मौत हो गई। उसके दो माह बाद ही उनके जीवन में एक युवती आ गई, लेकिन युवती कुछ दिन बाद ही अलग हो गई। उसके अलग होने के बाद नर्स का काम करने वाली रेखा उनके जीवन में आई। प्रमोद के दोनों भाई अकसर इसको लेकर विरोध भी करते थे। अनिल के मुताबिक प्रमोद ने बिटिया की सगाई के दौरान ही उन लोगों को बुलाया था, तब सभी ने राखी से संबंध पर एतराज जताया था। 
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क्राइम
इसको लेकर तरह तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। 
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