पीएचक्यू के पास बमबाजी की घटना में जिस बागी गैंग का नाम सामने आया है, उसके कुछ सदस्यों के हॉलैंड हॉल हॉस्टल में रहने की बात सामने आई है। पुलिस अफसरों का दावा है कि मूल आवंटी छात्रों को डरा-धमकाकर आपराधिक तत्व अवैध रूप से हॉस्टल में रहते हैं।
आपराधिक घटनाओं में हॉस्टलों में रहने वाले अवैध कब्जेदारों की लगातार संलिप्तता के मामले को पुलिस अफसरों ने बेहद गंभीरता से लिया है। इसी के तहत जिला पुलिस की ओर से इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र भेजकर कार्रवाई का अनुरोध किया गया है। इसमें कहा गया है कि हॉस्टलों में अवैध रूप से रहने वाले आपराधिक तत्वों को बाहर निकाला जाना बेहद जरूरी है। ऐसे में अवैध कब्जेदारों से हॉस्टल खाली कराए जाएं। जरूरत पड़े तो पुलिस की मदद ली जाए।
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पीएचक्यू के पास बमबाजी की घटना में जिस बागी गैंग का नाम सामने आया है, उसके कुछ सदस्यों के हॉलैंड हॉल हॉस्टल में रहने की बात सामने आई है। पुलिस अफसरों का दावा है कि मूल आवंटी छात्रों को डरा-धमकाकर आपराधिक तत्व अवैध रूप से हॉस्टल में रहते हैं। आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के बाद पुन: वहीं जाकर छिप जाते हैं। ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने के लिए ही पुलिस अफसरों की ओर से पहल की गई है।
जिला पुलिस की ओर से इविवि कुलपति को पत्र भेजा गया है। इसमें अनुरोध किया गया है कि इविवि के हॉस्टलों को अवैध कब्जेदारों से मुक्त कराया जाना बेहद जरूरी है। ऐसे में आवंटियों की सूची बनाई जाए और कमरों में रहने वालों का सत्यापन किया जाए। कोई अवैध रूप से रहता मिलता है तो उसे बाहर किया जाए और विधिक कार्रवाई भी की जाए। जरूरत समझी जाए तो इसके लिए पुलिस की मदद ली जा सकती है।
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जिलाधिकारी के माध्यम से एक पत्र इविवि कुलपति को भेजा गया है। अनुरोध किया गया है कि हॉस्टलों मेें अवैध रूप से रहने वालों को चिह्नित किया जाए और उन्हें हॉस्टल से बाहर किया जाए। - अजय कुमार, एसएसपी