अफसरों के आदेश पर भी नहीं की कार्रवाई
पिता का आरोप है कि कार्रवाई न होने पर उन्होंने उच्चाधिकारियों से कई बार मिलकर गुहार लगाई। इस पर तत्कालीन एडीजी जोन ने राजपत्रित अधिकारी की कमेटी गठित कर जांच व एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा थाना पुलिस ने डूबने से मौत की रिपोर्ट देकर लीपापोती कर दी। पिता ने यह भी बताया कि नाली के गंदे पानी को लेकर मोहल्ले के कुछ लोगों से मारपीट हुई थी। इसमें बड़े बेटे की नाक कटने के साथ ही छोटे बेटे को काफी चोटें आई थीं। लेकिन कैंट पुलिस ने इसमें भी एनसीआर ही लिखी थी।