बी श्रेणी का हिस्ट्रीशीटर, आजीवन नहीं होगी बंद
खान सौलत को बी श्रेणी का हिस्ट्रीशीटर बनाया गया है और उसका हिस्ट्रीशीट नंबर 62-बी है। जानकारों का कहना है कि यह आजीवन बंद नहीं हो सकेगी। इसके अलावा अन्य हिस्ट्रीशीटरों की तरह ही अब उसकी कड़ी निगरानी की जाएगी। साथ ही जेल से छूटने के बाद भी वह लगातार पुलिस की नजर में रहेगा। हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद अब जमानत मिलने की स्थिति में भी वह पुलिस से बच नहीं सकेगा। उसे संबंधित थाने में जाकर हाजिरी देनी होगी और ऐसा नहीं करने पर पुलिस उसके घर पर भी जा सकती है।
एचएस बनने वाला उमेशपाल हत्याकांड का पांचवां आरोपी
खान सौलत हिस्ट्रीशीटर घोषित किया जाने वाला उमेश पाल हत्याकांड का पांचवां आरोपी है। इससे पहले अतीक के बेटों उमर-अली व अशरफ के सालों जैद मास्टर व सद्दाम की हिस्ट्रीशीट खोली जा चुकी है। लखनऊ जेल में बंद उमर व नैनी जेल में निरुद्ध अली की हिस्ट्रीशीट 15 अप्रैल को खोली गई थी। उमर की हिस्ट्रीशीट नंबर 57 बी और अली की हिस्ट्रीशीट नंबर 48 बी है।
कौन है खान सौलत हनीफ
माफिया अतीक अहमद का वकील, उसका राजदार
उमेश पाल हत्याकांड की साजिश में शामिल होने का आरोपी
उमेश पाल के अपहरणकांड में सजायाफ्ता
अतीक के जेल जाने के बाद उसकी पत्नी शाइस्ता के इशारे पर वसूली की रकम का लेनदेन करने का आरोपी
बार काउंसिल ने सौलत हनीफ का पंजीयन किया निरस्त
यूपी बार काउंसिल ने निरस्त किया पंजीयनउधर यूपी बार काउंसिल ने भी खान सौलत हनीफ का पंजीयन निरस्त कर दिया है। उसके खिलाफ उमेश पाल की पत्नी जया पाल ने शिकायत दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की थी। उनकी ओर से इस संबंध में बार काउंसिल में प्रार्थना पत्र देकर बताया गया था कि उनके पति उमेश पाल के अपहरण केस में 28 मार्च 2023 को अतीक अहमद व दिनेश पासी के साथ ही खान सौलत हनीफ को भी उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
आरोप लगाया कि वह विधि व्यवसाय की आड़ में आईएस- 227 गैंग के सदस्यों के साथ अपराध में संलिप्त रहा है। उस पर अपहरण व हत्या समेत कुल चार मुकदमे दर्ज हैं। जिनमें से एक में वह सजा पा चुका है, जबकि अन्य विचाराधीन हैं। ऐसे में उसका अधिवक्ता पंजीकरण लाइसेंस निरस्त किया जाए। प्रार्थनापत्र 25 अगस्त 2023 को दिया गया था। सूत्रों का कहना है कि सुनवाई के बाद अनुशासन समिति ने पंजीयन निरस्त करते हुए उसे डिबार कर दिया है।