बयान में था विरोधाभास
विवेचना के दौरान गांव के ही रमेश पासी और पिपरी कौशांबी निवासी कुंवर सिंह के बीच गांव की ही लड़की से नाजायज संबध बनाने को लेकर हुआ विवाद प्रकाश में आया। उसी विवाद को आधार मान कर पुलिस में कुंवर सिंह और रमेश पासी के खिलाफ हत्या का आरोप पत्र दाखिल कर दिया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चापड की बरामदगी कौशांबी निवासी कुंवर सिंह की निशानदेही पर दर्शाई थी।
लगभग 13 साल चले हत्या के इस मामले में अभियोजन की ओर से पेश गवाहों ने मृतक को शराब पीने का आदी बताया। लेकिन महिला से नाजायज संबध के सवाल पर विरोधाभाषी बयान दर्ज करवाया। लेकिन, पुलिस 13 साल बाद भी यह गुत्थी नही सुलझा सकी कि आखिर इस वारदात को अंजाम दिया किसने? अदालत ने पाया की अभियोजन की कहानी संभावनाओं और कल्पनाओं पर आधारित है। साक्ष्यों के अभाव में दोनो आरोपियों को दोषमुक्त करने का फैसला सुना दिया गया।