लालापुर से अगवा कर कत्ल की गई बच्ची का कातिल रिश्ते में चाचा लगने वाला उसका ही पड़ोसी निकला। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर मामले के खुलासा कर दिया है। अफसरों का दावा है कि बच्ची के पिता से रंजिश व परिवार से ईष्या के चलते उसने यह वारदात की। उसे जेल भेज दिया गया है।
सेमरी तरहार में रहने वाली 11 वर्षीय बालिका की लाश बारा में 30 जुलाई की रात लोहगरा स्थित यमुना पंप नहर में मिली थी। बाद में पता चला कि मृतक बालिक लालापुर के सेमरी तरहार की रहने वाली थी, जो 27 जुलाई से गायब थी। घरवालों ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। सोमवार को पुलिस ने पड़ोसी व रिश्ते में चाचा लगने वाले रामभवन को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया।
पुलिस अफसरों के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने बताया है कि उसकी मृतक बच्ची के पिता से रंजिश थी और वह उसके परिवार से ईर्ष्या रखता था। वह पहले भी जेल जा चुका है। उसने यह भी बताया कि उसका खेत गांव में ही स्थित कब्रिस्तान के पास है। जहां अक्सर बच्ची जाया करती थी। घटना वाले दिन बच्ची की दादी कब्रिस्तान के पास बकरियां चरा रही थी। जिसे बुलाने केे लिए बच्ची उसके पास जा रही थी। इसी दौरान उसने बच्ची की हत्या करने के बाद शव नहर में फेंक दिया, जो बहते हुए बारा पहुंच गया। एसपी यमुनापार सौरभ दीक्षित ने बताया कि आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
शाल ने पहुंचाया हत्यारे तक
अफसरों ने बताया कि हत्या के बाद लाश को ठिकाने के लिए इस्तेमाल की गई शाल ने पुलिस को हत्यारे तक पहुंचाया। दरअसल इसी शाल में बच्ची की लाश लिपटी मिली थी। पुलिस ने शाल ग्रामीणों को दिखाई तो पता चला कि रामभवन इसे पहनकर पहले घूमता देखा गया है। जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। कड़ाई से पूछताछ हुई तो सच्चाई सामने आ गई।
हत्या की वजह को लेकर उठे सवाल
पुलिस भले ही यह कह रही हो बच्ची की हत्या ईर्ष्या के चलते की गई। लेकिन इसे लेकर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। दरअसल बच्ची का पिता व आरोपी दोनों मजदूरी करते हैं। दोनों के परिवारों की आर्थिक हालत भी लगभग एक जैसी है। ऐसे में ईष्या की वजह से मासूम की मौत की बात गले से नहीं उतर रही। हालांकि पुलिस अफसर कोई और वजह सामने नहीं आने का दावा कर रहे हैं।