मुख्यमंत्री के आगमन की शुक्रवार देर शाम तक तैयारी होती रहीं। कालेज को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। परिसर में चप्पे-चप्पे पर नजर रहेगी। कार्यक्रम में गंगा किनारे बसे 16 जिलों के गांवों के 500 ग्राम प्रधान समेत ग्राम सभा के पदाधिकारी, अधिकारी व जन प्रतिनिधि समेत 1400 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है।
जिलाधिकारी संजय कुमार और वरिठ पुलिस अधीक्षक आनंद कुलकर्णी ने शुक्रवार को कालेज में बने हेलीपैड, सभागार और पार्किंग व्यवस्था का निरीक्षण किया। शाम को ही सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री शनिवार को गंगा - ग्राम सम्मेलन के दौरान 35 रथों को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे जो कि गांव - गांव जाकर लोगों को स्वच्छ रहने का संदेश देंगे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इलाहाबाद आनंद कुलकर्णी और जिलाधिकारी इलाहाबाद संजय कुमार ने बताया कि कार्यक्रम में शामिल होने वाले आमंत्रित लोगाें को पास जारी किया गया है। साथ ही कार्यक्रम को कवर करने के लिए मीडिया कर्मियों को भी पास जारी किया गया है। उन्होंनें बिना पास के किसी की भी इंट्री नहीं करने का निर्देश पुलिस कर्मियों को दिया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री आम जनता से दूर रहेंगे। वे कॉलेज परिसर में ही बने अस्थाई हेलीपैड पर उतरेंगे। कार्यक्रम में भाग लेने के बाद वे हैलीकॉप्टर से ही वापस चले जाएंगे। इस प्रकार आम जनता उन्हें देख भी नहीं सकेगी। जिससे कार्यकर्ताओं समेत लोगों में निराशा है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नुक्कड़ नाटक करने वाले कलाकारों की टीम को भी रवाना करेंगे। जो गांव-गांव जाकर लोगों को शौचालय उपयोग करने के फायदे बताएंगे। शुक्रवार को नुक्कड़ नाटक की टीमों ने जमकर पूर्वाभ्यास किया। शनिवार को होने वाले कार्यक्रम के मद्देनजर कॉलेज परिसर में दिन भर चेकिंग होती रही। सुरक्षा में लगे डॉग स्क्वाड, फील्ड यूनिट की टीम, बीडीएस ने कई स्थानों की जांच की। महिला ग्राम प्रधानों के पति को सभागार में नहीं जाने दिया जाएगा। उनके लिए सभागार के बाहर बने वाटरप्रूफ पंडाल बनाया गया है। जिसमें प्रधान पत्नी के साथ आए पतियों और उनके बच्चे को बैठने की व्यवस्था की गई है।