फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीएम ने कुंभ से दिया ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ का संदेश

Mon, 17 Dec 2018 12:53 AM IST
दुर्गेश pandey अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
विज्ञापन
प्रयागराज - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो,प्रयागराज
विज्ञापन
पीएम ने कुंभ को देश की समृद्धि से जोड़कर इसकी दिव्यता से पूरे विश्व की मानवता को परिचित कराने का संदेश दिया। वह अर्द्ध कुंभ के आयोजन को लेकर बेहद संजीदा और उत्साहित नजर आए। उन्होंने बताया कि वह दुनिया भर को खुद अर्द्ध कुंभ का न्यौता दे आए हैं। इस पर्व में विश्व भर से आने वाले लोगों को पौराणिकता के साथ आधुनिकता का तो एहसास होगा। उन्होंने अतिथियों की सेवा और सत्कार में कोई कसर न छोड़ने की सीख भी दी।   
विज्ञापन


प्रधानमंत्री ने अर्द्धकुंभ-2019 के धार्मिक, पौराणिक, सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया। कहा कि त्याग, तपस्या और संस्कृति की प्रयागराज की पावन धरती पर दिव्य एवं भव्य कुंभ विश्व की मानवता के लिए अद्वितीय होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुंभ भारत एवं भारतीयता का परिचायक है। अर्द्धकुंभ सिर्फ करोड़ों लोगों के संपर्क-संवाद से ही नहीं जुड़ेगा, हमारे देश को शिखर पर ले जाएगा। करोड़ों विचारों का संगम भारत को समृद्ध बनाएगा। यह पर्व एक होने की प्रेरणा देता है। एक भारत -श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना कुंभ से चरितार्थ होगी। यहां आने वाले हर अतिथि का ख्याल रखने पर उन्होंने जोर दिया। कहा कि यूपी सरकार के साथ मिलकर केंद्र सरकार इसे दिव्य और दर्शनीय बनाने में जुटी है। इस कुंभ का गौरवशाली अवसर दुनिया को देखने के लिए मिलेगा।प्रयागराज को आकर्षक बनाने के लिए बड़े कदम उठाए गए हैं। इंफ्रास्ट्रक्टर और कनेक्टिविटी दोनों सुधरेगी।

यह शहर पौराणिकता के साथ आधुनिकता का भी प्रतीक बनेगा। अर्धकुंभ में पौराणिकता के साथ आधुनिकता के पहलू का भी अनुभव विश्व समुदाय को मिलेगा। 70 देशों के राजनयिकों और उनके प्रतिनिधियों ने संगम तट पर ध्वजारोहण कर कुंभ के वैश्विक महत्व को बढ़ा दिया है। वह यहां की अद्भुत छटा का एहसास लेकर गए हैं और अपने देश के लोगों को बताएंगे। पीएम ने बताया कि वह दुनिया के जिस भी देश में जा रहे हैं, वहां के लोगों को खास तौर से भारतीयों को कुंभ में आने का न्यौता जरूर दे रहे हैं। साथ ही प्रेरित करते हैं कि वह अपने साथ वहां के विदेशियों को भी लेकर यहां आएं। यह कुंभ भारत की समृद्धि के द्वार खोलेगा।
विज्ञापन


 प्रधानमंत्री ने रविवार को अंदावा में प्रयागराज की महिमा का बखान गोस्वामी तुलसी दास की चौपाइयों से किया। उन्होंने तुलसी दास की चौपाई पढ़ी कि- को कहि सकइ प्रयाग प्रभाऊ/कलुष पुंज कुंजर मृगराऊ...। उन्होंने कहा कि प्रयागराज का प्रभाव कौन कह सकता है। ऐसे सुहावने तीर्थराज का दर्शन कर रघुकुल नायक राम ने भी सुख का अनुभव किया था। यह भूमि रघुकुल के राम से जुड़ी है। यहां अद्भुत ऊर्जा का संचार तो होता ही है, इस भूमि के कण-कण में दिव्यता का वास है।

गंगा पूजन से कुंभ का शुभारंभ करने आए पीएम ने प्रयागराज के साथ काशी की पुरातन संस्कृति की श्रेष्ठता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जब प्रयाग में कुंभ हो रहा होगा, तब काशी में विश्व भर के प्रवासी नागरिकों का जमावड़ा होगा। निश्चित है कि वह प्रवासी भी कुंभ की छटा निहारने प्रयागराज आएंगे। उन्होंने कहा कि विश्व के पुरातन सांस्कृतिक शहरों में प्रयागराज और काशी के नाम शामिल हैं। प्रयागराज में आकर कभी रघुकुल के राम ने भी सुख का अनुभव किया था। इस धरती की महिमा को कोई भी नहीं बता सकता। पीएम ने कुंभ में गंगा के प्रति हिस्सेदारी, भागीदारी पर भी बल दिया। कहा कि कुंभ का महत्व तब और बढ़ेगा जब गंगा निर्मल होगी। इसके लिए उन्होंने हर किसी से जुटने की अपील की।  

पीएम ने पेंट माई सिटी को भी एक अहम प्रयास के रूप में सराहा। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में हर तरफ कुंभ को अद्वितीय बनाने का वातावरण सृजित किया जा रहा है। शहर की दीवारों पर आकर्षक पेंटिंग हो रही है। चित्रित दीवारों के माध्यम से भी देश-दुनिया के श्रद्धालु-पर्यटक सुखद अनुभव लेकर जाएंगे। यह अनुभव हर भारतीय के लिए भी अनुपम होगा।

पीएम ने कुंभ-2019 के सेल्फी प्वाइंट पर फोटो भी खिंचवाई। कहा कि इस सेल्फी प्वाइंट पर कुंभ के दौरान विदेशी मेहमानों के साथ ही हर भारतीय उन क्षणों को यादगार बनाने की कोशिश करेगा। पीएम ने कुंभ की तैयारियों की भव्यता को सराहा। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें