प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रयागराज में सपा कार्यकर्ताओं के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा। अंदावा में सभा स्थल में ही भाषण के दौरान उन्हें काले झंडे दिखाए गए तो संगम क्षेत्र में सुरक्षा घेरा तोड़कर सपा कार्यकर्ता ने फ्लीट तक पहुंचकर उन्हें काला झंडा दिखा दिया। वहां कुछ युवकों ने पत्थर फेंके व पास में पड़े पुआल में आग लगा दी। उधर नैनी के लेप्रोसी चौराहे के पास भी तीन युवकों ने काला झंडा दिखाने की कोशिश की।
अंदावा स्थित सभास्थल में पीएम के भाषण के दौरान उस समय हड़कंप मच गया जब वहां सपा नेत्री रमा यादव ने काला झंडा लहराना शुरू कर दिया। रमा सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर वीआईपी गैलरी में दाखिल हो गई। जैसे ही पीएम ने भाषण शुरू किया, कुछ देर बाद ही रमा ने काला झंडा निकालकर लहराना शुरू कर दिया। इससे पार्टी नेताओं व पदाधिकारियों के साथ ही पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। किसी तरह उसे दबोचकर सभास्थल से बाहर किया गया और फिर उसे झूंसी पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस ने बताया कि कुछ महीनों पहले भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को धूमनगंज में काले झंडे दिखाने की घटना में भी रमा शामिल थी। झूंसी इंस्पेक्टर अरुण कुमार त्यागी ने बताया कि आरोपी नेत्री का शांतिभंग में चालान किया जा रहा है। इसके अलावा झूंसी पुलिस ने कांग्रेसी नेता कैफी वारसी तथा सपा नेता अंगद यादव को भी हिरासत में लिया। उधर सरायइनायत थाने में कांग्रेस की महिला कार्यकर्ता सदफ फातमा और मोहम्मद अकरम को हिरासत में लिया गया था। शाम को सभी को छोड़ दिया गया।
सपा के अलग-अलग संगठन के कार्यकर्ताओं की ओर से पीएम के कार्यक्रम के विरोध की घोषणा की गई थी। इसे देखते हुए ही संगम तथा अन्य स्थलों पर युवकों पर विशेष नजर रखने की हिदायत थी लेकिन प्रशासन की पूरी व्यवस्था नाकाम साबित हुई। संगम नोज से गंगापूजन के बाद प्रधानमंत्री का काफिला जैसे ही आगे बढ़ा सपा कार्यकर्ता ने उनकी ओर दौड़ लगा दी। सुरक्षा कर्मी कुछ समझ पाते इससे पहले ही वह बेरिकेडिंग लांघ गया और फ्लीट तक पहुंच गया। उसके हाथ में काला झंडा भी था।
इसी दौरान पुलिस के धक्के से वह सड़क पर किनारे गिर गया। अन्यथा, हादसा भी हो सकता था। उसके गिरने के बाद पुलिस ने उसे धबोच लिया तथा धुनाई शुरू कर दी। इसी बीच उसके साथ के अन्य युवक पत्थर फेंकने के साथ भागने लगे। उनमें से रोहित यादव नामक युवक पुलिस की गिरफ्त में आ गया। दोनों सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस के हवाले कर दिया गया। इसी बीच अराजक तत्वों ने पास में बिछे पुआल में आग लगा दी, जिसमें देखते ही देखते ही लपटें उठने लगीं। अचानक हुई इन घटनाओं से सकते में आई पुलिस ने लोगों को दौड़ा लिया। थोड़ी देर में स्थिति नियंत्रण में आ गई लेकिन आग बुझाने में दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
संगम से वापसी के दौरान लेप्रोशी चौराहे पर भी युवकों ने प्रधानमंत्री को काला झंडा दिखाने की कोशिश की। उन्हाेंने काला झंडा लेकर दौड़ लगाई लेकिन फ्लीट के पास पहुंचने से पहले ही पुलिस ने तीन युवकों को दबोच लिया। हिरासत में लिए युवक मोहित पांडेय, दीपक यादव, सौरभ सिंह हैं।
नाव हादसे में आठ लोगों की मौत तथा प्रधानमंत्री की फ्लीट तक युवक के पहुंचने समेत अन्य घटनाओं ने कुंभ के दौरान सुरक्षा के साथ तैयारियों पर भी सवाल खड़ा कर दिया है। इतना ही नहीं बीच में नदी में फंसे क्रूज ने जल परिवहन के दावे पर भी सवाल खड़ा कर दिया है। 10 दिसंबर को मनकामेश्वर मंदिर के पास यमुना नदी में नाव डूबने से आठ लोगों की मौत हो गई थी। कुंभ के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर जल पुलिस तथा एनडीआरएफ के अलावा अन्य संस्थाओं को भी लगाया जाना है। नागरिक सुरक्षा कोर के सदस्याें को भी प्रशिक्षित किया गया है लेकिन इस हादसे के दौरान कोई तैयारी नहीं दिखी। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि डूबने वालों की लाश मोबाइल की रोशनी में ढूंढ़ी जा रही थी। इसके बाद रविवार को प्रधानमंत्री के लिए कई स्तर पर सुरक्षा घेरा बनाया गया था। खुफिया तंत्र ने कई दिनों से शहर में डेरा डाल रखा था लेकिन युवक प्रधानमंत्री की फ्लीट तक पहुंचने में सफल रहा। इसके अलावा प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के कवरेज की व्यवस्था क्रूज पर की गई थी लेकिन वह गंगा नदी के बीच में ही फंस गया। काफी मशक्कत के बाद उसे चलाने की कोशिश की गई लेकिन कुछ दूर ही बढ़ सका। ऐसे में किला घाट से सुजावन देव मंदिर तक जल परिवहन की तैयारियों पर सवाल उठने लगा है।
समाजवादी छात्र सभा की बैठक में प्रधानमंत्री का विरोध करने तथा काला झंडा दिखाने वाले युवकों की गिरफ्तारी पर नाराजगी जताई गई। उन्होंने पेंट माई सिटी योजना पर भी सवाल उठाया। कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री का पुतला दहन भी किया। सभा के प्रदेश सचिव अरविंद सरोज का कहना था कि प्रधानमंत्री युवाओं के रोष से डर गए हैं। अभिषेक यादव का कहना था कि पेंट माई सिटी योजना के तहत अंधविश्वास को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिलाध्यक्ष अखिलेश गुप्ता गुड्डू ने कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी और उन्हें धमकी दिए जाने पर नाराजगी जताई। अखिलेश ने इसके विरोध में आंदोलन की चेतावनी दी। पुतला दहन करने वालों में अजीत यादव, अंकित यादव, आशीष अतरौलिया, संदीप यादव, चद्रशेखर चौधरी आदि शामिल रहे। सपा के महानगर अध्यक्ष सै.इफ्तेखार हुसैन ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए रोष प्रकट किया। उनका कहना था कि लोकतंत्र में काला झंडा दिखाना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शन का यह सिलसिला अब और आक्रामक होगा। प्रदेश प्रवक्ता ऋचा सिंह, सबिहा मोहानी, सै.मो.अस्करी आदि ने कार्यकर्ताओं की गिरफतारी की निंदा की।