माघ मेला क्षेत्र में इस बार प्लास्टिक के साथ थर्माकोल का उपयोग भी पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। पानी या चाय कुल्हड़ में ही पीनी होगी। शनिवार को कलक्ट्रेट के संगम सभागार में माघ मेला की तैयारियों के समीक्षा के दौरान डीएम संजय कुमार ने यह दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं को निर्देश दिए कि 10 नवंबर से पहले सभी पांचों पांटून पुलों की रूपरेखा तैयार कर ली जाए और 30 नवंबर तक काली सड़क के पांटून पुल का निर्माण पूरा कर लिया जाए।
डीएम ने बैठक में स्पष्ट कर दिया कि मुख्य स्नान पर्वों पर मेला क्षेत्र में सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने जल निगम को 12 और बिजली विभाग को 15 नवंबर से मेला क्षेत्र में काम शुरू करने को कहा। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को परेड से संगम तक सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। परिवहन विभाग के अफसरों ने डीएम को बताया कि माघ मेले के लिए दो हजार बसों की व्यवस्था की गई है। मौनी अमावस्या एवं पूर्णिमा पर 1420 अतिरिक्त बसें चलेंगी और 200 बसों को रिजर्व रखा जाएगा। डीएम ने रेलवे के अफसरों को मेला क्षेत्र में पहली जनवरी से टिकट काउंटर खोलने को कहा।
साथ ही ट्रेनों की सूचना बड़े फ्लैक्स के माध्यम से प्रदर्शित करने के लिए कहा। इसके अलावा पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं से कहा कि झूंसी की ओर से 25 नवंबर तक सर्विस लेन शुरू कर दी जाए। साथ ही 15 नवंबर तक दारागंज स्थित श्मशानघाट को शिफ्ट करने को कहा। डीएम ने मेला क्षेत्र में मोबाइल टॉयलेट और पर्याप्त संख्या में कूड़दान स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही एसपी सिटी से कहा कि 15 नवंबर तक मेले में झूंसी एवं कोतवाली की चौकी तैयार कर ली जाए।