इलाहाबाद। मेला प्रशासन ने दर्जनों संस्थाओं को ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। इसमें प्रयागवाल से सुविधा लेने वाले भी शामिल हैं। इन्होंने मेले के बाद सुविधाएं वापस नहीं कीं। मेला प्रशासन की ओर से इन्हें कई नोटिस भी जारी किए गए लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। अब इन संस्थाओं को इस बार मेले में जमीन और सुविधाएं नहीं मिलेंगी। इस बाबत प्रभारी अधिकारी माघ मेला आशीष कुमार मिश्र ने आदेश जारी कर दिए हैं।
मेला में शिविर लगाने वाली विभिन्न धार्मिक, सामाजिक, स्वयंसेवी संस्थाओं और प्रयागवालों को टेंट, फर्नीचर एवं टिन निर्माण से संबंधित सुविधाएं मुफ्त में मुहैया कराई जाती हैं। मेले के बाद सुविधाएं वापस करनी होती हैं लेकिन कई संस्थाओं और प्रयागवालों ने सुविधाएं वापस नहीं कीं। अब ठेकेदार मेला प्रशासन से इन सुविधाओं के एवज में भुगतान की मांग कर रहा है। इस देखते हुए मेला प्रशासन ने निर्णय लिया है कि जिन संस्थाओं एवं प्रयागवालों ने नि:शुल्क मिलीं सुविधाएं वापस नहीं कीं, उन्हें ब्लैक लिस्टेड करते हुए इस बार से मेले में जमीन एवं सुविधाओं का आवंटन नहीं किया जाएगा। जिन संस्थाओं को ब्लैक लिस्टेड किया गया है, उसमें कांग्रेस दल भी शामिल है।
इसके अलावा महायोगी पायल बाबा, श्रीधाम वृंदाश्रम शिविर, अग्रदेवाचार्य, सनातन मातृ सेवा संस्थान, देवदासजी विरक्त धार्मिक संस्थान, केशवाचार्य लक्ष्मीनारायण मंदिर, संत समाज संस्थान समिति, उत्तर प्रदेश नशाबंदी सेंट जॉन्स, आदर्श कल्याण समिति काली सड़क, विधानचंद्र मिश्र, देवविधान पद्धति, देव स्पर्श प्रयाग सेवा समिति, रामलला, राम सत्संग आश्रम, पर्वतीय आश्रम, भोलादत्त तिवारी, बाबा हौदेश्वर नाथ सेवा एवं कल्याण समिति, विकलांग कल्याण समिति, ओंकारनाथ त्रिपाठी, श्रमिक विकास कल्याण संस्थान, ज्ञान अमृत सेवा संस्थान हनुमान मंदिर, बृज अकादमी वृंदावन, शंभूनाथ दुबे, भेले पंडा, तीन तुमड़ी कल्पवास आश्रम एवं स्वामी परमार्थ भूषण पुरुषोत्तमाचार्य को भी ब्लैक लिस्टेड किया गया है। साथ ही 27 प्रयागवालों को ब्लैक लिस्टेड किया गया है।