कहा कि घटना वाले दिन वह अपने भाई प्रकाश संग उनकी जमानत कराने कचहरी पहुंचे थे। छोटे लाल के होटल में बैठकर वकील से मुकदमे के सिलसिले में बात कर रहे थे। इसी बीच विजय मिश्रा, संतराम, बलराम व जीत नारायण बंदूक लेकर होटल में घुस आए। रंजिश के कारण भाई की हत्या कर दी गई।
मुकदमे की सुनवाई के लिए जब पत्रावली अदालत पहुंची तो सभी साक्ष्य गायब मिले थे। पत्रावली में केस डायरी, आरोप पत्र, प्रथम सूचना रिपोर्ट, नकल, जीडी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल रिपोर्ट, घटनास्थल का नजरी नक्शा के साथ अभियोजन प्रपत्र का भी कुछ पता नहीं था। हालांकि, एडीजीसी सुशील वैश्य ने बाताया कि कोर्ट के आदेश के बाद सभी पत्रावलियां संयोजित की गई हैं। गवाही के दौरान पूर्व विधायक विजय मिश्रा को आगरा जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट में पेश किया गया था।