उत्तर प्रदेश में भड़की हिंसा के कारण कई जिलों में इंटरनेट बंद होने पर शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई। अदालत ने इसपर सुनवाई के लिए तीन जनवरी को पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को तीन जनवरी को इस मामले में जानकारी देने और जवाब दाखिल करने का भी निर्देश दिया है।
हाईकोर्ट के कुछ वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने मुख्य न्यायाधीश से शिकायत की कि इंटरनेट सेवा बंद होने से न्याय प्रशासन का कार्य प्रभावित हुआ है। कोर्ट के फैसले अपलोड नहीं होने से वादकारियों को फैसलों की प्रति नहीं मिल सकी। मुकदमों की लिस्टिंग आदि कार्यों में भी समस्या हुई है। मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की पीठ ने प्रकरण को जनहित याचिका के तौर पर स्वीकार किया।