इविवि में पिछले दिनों 17 विभागों में 240 नए शिक्षकों की नियुक्ति हुई है। इनमें असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर शामिल हैं। हालांकि, नव नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर शैक्षिक सत्र 2022-23 में शोध नहीं करा सकेंगे।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में सत्र 2022-23 से पीएचडी की सीटों की संख्या बढ़ने जा रही है। इविवि में नवनियुक्त एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर शैक्षिक सत्र 2022-23 में होने जा रही संयुक्त शोध प्रवेश परीक्षा (क्रेट) के तहत चयनित अभ्यर्थियों को शोध करा सकेंगे। इस बाबत रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला की ओर से नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है।
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इविवि में पिछले दिनों 17 विभागों में 240 नए शिक्षकों की नियुक्ति हुई है। इनमें असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर शामिल हैं। हालांकि, नव नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर शैक्षिक सत्र 2022-23 में शोध नहीं करा सकेंगे। असिस्टेंट प्रोफेसर अभी एक वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर हैं। हालांकि, एसोसिएट प्रोफेसरों और प्रोफेसरों को एक बार में अधिकतम दो शोधार्थी दिए जाएंगे।
नवनियुक्त एसोसिएट प्रोफेसरों और प्रोफेसरों की संख्या 50 के आसपास है। ऐसे में पीएचडी की तकरीबन 100 सीटें बढ़ सकती हैं। इविवि एवं संघटक महाविद्यालयों में पीएचडी की 614 सीटों पर प्रवेश के लिए संयुक्त शोध प्रवेश परीक्षा-2021 का आयोजन किया जा चुका है। इनमें इविवि की 227 सीटें थीं। सत्र 2022-23 में सीटों की संख्या इविवि में सीटों की संख्या 300 से अधिक हो सकती है।
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इविवि की पीआरओ डॉ. जया कपूर का कहना है कि नवनियुक्त शिक्षकों को शोधार्थी दिए जाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसमें नियमानुसार उनको दो शोधार्थी मिल सकते हैं। इससे शोध को नई दिशा में बढ़ावा मिलेगा और शिक्षकों को भी अकादमिक अनुभव विस्तार के अवसर मिलेंगे। अगर शिक्षक पहले से शोध करवा रहे हैं तो अपने साथ काम कर रहे शोधार्थी को नियमानुसार स्थानांतरित भी करवा सकते हैं।