यूजर्य ने कहा- प्रयागराज बोलो भइया
अखिलेश यादव ने लिखा- 'इलाहाबाद के फाफामऊ में दबंगों के द्वारा 4 दलितों की हत्या दलित विरोधी भाजपा सरकार पर एक और बदनुमा दाग है। घोर निंदनीय! उम्मीद है ये अपराधी बिना चश्मे के भी दिख जाएंगे...'
इलाहाबाद के फाफामऊ में दबंगों के द्वारा 4 दलितों की हत्या दलित विरोधी भाजपा सरकार पर एक और बदनुमा दाग़ है।
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घोर निंदनीय!
उम्मीद है ये अपराधी बिना चश्मे के भी दिख जाएँगे… — Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) November 27, 2021
भाई, इलाहाबाद नहीं , प्रयागराज कहो।
— Vikram Tiwari 🇮🇳 (@vikramt51) November 27, 2021
और अपराधी सपा के ही होते हैं।
गेस्ट हाउस कांड याद है?
एक दलित महिला के कनपटी पर रिवाल्वर रखकर उसके चीर हरण दुशासन के चेलों ने किया था।
जिसे एक भाजपा नेता ने बचाया था।
प्रयागराज बोलना सिख लो अखिलेशुदीन भैया..पुरानी रंजिश थी जिसने भी किया है उसे पुलिस ने पकड़ भी लिया और कुटाई भी हो रही
— Gyanendra Rai (@Rai3Gyanendra) November 27, 2021
#जय_प्रयागराज
— रामचंद्र सिंह (@RamRamcsingh1) November 27, 2021
भाई तुम अभी इलाहाबादी हो। इलाहाबाद लिख कर क्या दर्शाना चाह रहे हो। अब इलाहाबाद नहीं प्रयागराज है । तुम पहले अपनी इतिहास मे सुधार कर लो और जनरल नालेज सूधारो, तुमने प्रयागराज को इलाहाबाद लिख कर प्रयागराज की जनता का घोर अपमान किया है।
शिवम पांडेय नाम के यूजर ने लिखा प्रयागराज को इलाहाबाद बोलकर अपनी मानसिकता प्रकट कर रहे हैं अखिलेश यादव, इनका राष्ट्रवाद, हिंदुत्व से कोई मतलब नहीं। और तो और कानून को भी ये अपनी थाली का भोजन मान बैठे हैं। जो आज नए नाम के नए शहर को प्रगति पर बदलता हुआ नहीं देखना चाहते।
पं. राघवेंद्र चौबे ने लिखा इलाहाबाद, नहीं महोदय, उसका नाम प्रयागराज है, क्या आप को प्रयागराज नाम रास नहीं आ रहा है तो बता दीजिए, प्रयागराज पसंद नहीं है तो दलित, कैसे पसंद हैं, कीं इनको वोट के लिए इस्तेमाल तो नहीं कर रहे हो, जीतने के बाद इनको मक्खी की तरह निकालकर फेंक देंगे और जिहादी सोच वालों का समर्थन करने लगेंगे।