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- यूजीसी जारी कर चुका है पढ़ाई और परीक्षा का मॉडल पैटर्न
इलाहाबाद (ब्यूरो)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में आगामी सत्र से परास्नातक की परीक्षाओं में एकरूपता होगी। इसके लिए कमेटी बनाने के साथ प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। अभी वार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं। इसके बाद परास्नातक में च्वॉयस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) के अनुरूप पढ़ाई और परीक्षा का खाका तैयार कर लिया जाएगा।
विश्वविद्यालय में अभी विभागों में परीक्षा के लिए अलग-अलग प्रारूप अपनाए जा रहे हैं। ग्रेडिंग को लेकर भी भिन्नता है। इससे छात्र-छात्राओं को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके मद्दनेजर परीक्षा की एकरूपता के लिए लंबे समय से कवायद की जा रही है, जो अब पूरी होती दिख रही है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय सभी कक्षाओं में सीबीसीएस लागू करने के लिए लगातार दबाव बना रहा है। इसके मद्देनजर विश्वविद्यालय में फिलहाल परास्नातक में सीबीसीएस लागू करने का निर्णय लिया गया है। शिक्षकों की भर्ती के बाद स्नातक में भी इसे लागू करने की तैयारी है। सीबीसीएस के अंतर्गत छात्र-छात्रा के पास विषय के साथ संस्थान बदलने की भी छूट होगी। ऐसे में सभी विषयों के पाठ्यक्रम और परीक्षा प्रारूप में एकरूपता अनिवार्य है। इसकी अनिवार्यता को ध्यान में रखकर यूजीसी की ओर से भी कमेटी बनाई गई थी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर यूजीसी की ओर से मॉडल पैटर्न भी जारी किया गया है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय में इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर एचएस उपाध्याय ने बताया कि परास्नातक मेंआगामी सत्र से नए प्रारूप के अनुसार ही पढ़ाई और परीक्षा होगी।