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UP : काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग का गन्ने के रस से अभिषेक की मांग खारिज, याची पर एक लाख का जुर्माना

Fri, 25 Aug 2023 05:58 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग पर सावन में गन्ने का रस चढ़ाने की मांग की गई थी। यह याचिका एक अधिवक्ता के द्वारा दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि धार्मिक याचिका को जनहित याचिका नहीं कह सकते।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग का गन्ने के रस से अभिषेक करने की अनुमति देने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने याची पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने कहा कि एक धार्मिक याचिका को जनहित याचिका बताना अनुचित और न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। कोर्ट की नाराजगी को देखते हुए याची ने केस वापस लेने की दलील देते हुए जुर्माना माफ करने की गुजारिश की, लेकिन अदालत ने इससे साफ इन्कार कर दिया।

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मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की खंडपीठ के समक्ष वाराणसी की निजी फर्म महादेव इंटरप्राइजेज व अन्य की ओर से दाखिल याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। याची का कहना था कि अपनी-अपनी मान्यताओं के अनुसार श्रद्धालु भोलेनाथ का गंगा जल और दूध से अभिषेक करते हैं। इसी कड़ी में याची ने गन्ने के रस से अभिषेक करने की अनुमति प्रदान करने की मांग की थी। इस याचिका को जनहित का बताया गया था।

कोर्ट ने जुर्माना माफ करने से किया इनकार
 
कोर्ट ने दलील को खारिज करते हुए कहा कि धार्मिक याचिका को जनहित याचिका के रूप में पेश किया जाना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए याची फर्म पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी ठोक दिया। अदालत के सख्त रुख को देखते हुए महादेव इंटरप्राइजेज के अधिवक्ता हृदय नारायण पांडेय ने याचिका वापस लेने और जुर्माना माफ करने की गुजारिश की। कोर्ट ने याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी, लेकिन जुर्माना माफ करने से साफ मना कर दिया।
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याची ने मंदिर के बाहर गन्ने की दुकान लगाने की मांगी थी अनुमति

याची मनीष खन्ना और उनकी पत्नी रेनू खन्ना ने काशी विश्वनाथ मंदिर के बाहर गन्ने की दुकान लगाने की अनुमति प्रशासन से मांगी थी। प्रशासन ने नीतिगत कारणों का हवाला देते हुए गन्ने के रस की दुकान लगाने व रस से अभिषेक कराने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद याची ने अपनी मांग को लेकर जिलाधिकारी व नगर निगम वाराणसी के अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया। जिसका निस्तारण आज तक नहीं किया गया।
 
इस संबंध में याची ने मुख्यमंत्री योगी को भी अर्जी भेजी है। इसके बाद याची ने जनहित याचिका दाखिल की। याचिका में यह भी कहा गया था कि ज्योतिर्लिंग पर चढ़ने वाले गन्ने के रस को याचियों द्वारा एकत्र कर गुड़ बनाया जाएगा। गन्ने का रस चढ़ने से इलाके के किसानों से गन्ने की खरीदारी भी होती है। इससे उन्हें भी फायदा होगा।
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