फूलपुर इफ्को में गैस रिसाव के कारणों की जांच उप निदेशक कारखाना अभय चंद्र गुप्ता को दी गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए निदेशक के अलावा कानपुर और नोएडा के विशेषज्ञों की टीम भी बुधवार को यहां पहुंच गई। प्रथम दृष्टया मशीन में गड़बड़ी को कारण माना जा रहा है। एक-दो दिनों में जांच रिपोर्ट सौंपे जाने की उम्मीद है।
इफ्को हादसे में दो लोगों की मौत पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक जताया है। मुख्यमंत्री द्वारा हादसे की जांच के आदेश के बाद बाद पूरा अमला सक्रिय हो गया। उप निदेशक फैक्ट्री तथा अन्य अफसर सुबह ही फैक्ट्री में पहुंच गए। दिन में नोएडा के राम बहादुर, कानपुर के डीपी सिंह की अगुवाई में भी कारखाना विभाग की टीम यहां पहुंच गई। अफसरों और विशेषज्ञों ने अलग-अलग पहलुओं से जांच की। उप निदेशक फैक्ट्री का कहना है कि हादसा कपलिंग राड के टूटने से हुआ। इसकी वजह से पाइप से अमोनिया का रिसाव होने लगा।
उनका कहना है कि जांच की जा रही है। फिलहाल मैकेनिकल फेल्योर को कारण माना जा रहा है। गैस रिसाव वाली इकाई को बंद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को भी जांच की जाएगी। गैस रिसाव के कारण के अलावा उसकी मात्रा तथा अन्य पहलुओं को भी ध्यान में रखकर जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के भी बयान लिए जाएंगे। उप निदेशक का कहना है कि जल्द ही रिपोर्ट सौंपी जाएगी। वहीं डीएम भानु चंद्र गोस्वामी का कहना है कि घटना की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। अन्य आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
आईआईटी में होगी मैटेरियल की जांच
कपलिंग राड की आईआईटी में जांच कराई जाएगी। उप निदेशक फैक्ट्री का कहना है कि उपकरणों की क्वालिटी, आयु आदि पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच के लिए राड को आईआईटी में भेजा जाएगा।
प्रबंधन पर पहले दर्ज हो चुका मुकदमा
फैक्ट्री एक्ट के तहत इफ्को प्रबंधन पर पूर्व में मुकदमा हो चुका है। उप निदेशक ने बताया कि प्लांट में पहले भी गैस रिसाव की घटनाएं हो चुकी हैं। इस पर मुकदमा लिखाया गया। कंपनी की ओर से भी लिखकर दिया गया है कि सुरक्षा की दृष्टि से सभी आवश्यक उपाय किए गए थे। इसके बावजूद हादसा होने के कारणों की जांच की जा रही है।
अफसरों के परिजनों को एक करोड़ देने की मांग
एक्टू से संबद्ध इफ्को फूलपुर ठेका मजदूर संघ की बुधवार को हुई बैठक में गैस रिसाव में दो लोगों की मौत पर शोक प्रकट किया गया। श्रमिकों ने घटना को लेकर कारखाना प्रबंधन तथा सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि गैस रिसाव की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर से मृतक के परिजनों को चार-चार लाख रुपये दिए जाने की घोषणा की भी निंदा की। श्रमिकों ने मृतक के परिजनों को एक-एक करोड़ तथा घायलों को 10-10 लाख रुपये दिए जाने की मांग की। बैठक में एक्टू के जिला सचिव डॉ.कमल उसरी, देवानंद आदि मौजूद रहे।