15 अगस्त 2019 को गोविंदपुर के महावीर पार्क में भूमिगत जलाशय का निर्माण 9490.36 लाख की लागत से शुरू हुआ था। दिसंबर 2021 में इसका निर्माण पूरा भी करा लिया गया। निर्माण होने के साढ़े तीन साल बाद भी इस भूमिगत जलाशय को शुरू नहीं किया गया। जिस वजह से करीब डेढ़ लाख की आबादी आज भी गर्मी में पानी के लिए तरस रही है।
अमृत योजना के तहत प्रयागराज पेयजल योजना फेज टू के तहत बनाए गए 3700 लाख लीटर वाले जलाशय से आज तक पानी की सप्लाई नहीं हो सकी। जबकि जलाशय के शुरू होने से गोविंदपुर, कैलाशपुरी, शिवपुरी, चिल्ला, मलिन बस्ती, शिवकुटी, महावीरपुरी सहित कई मोहल्लों में पानी का संकट दूर होगा।
महाकुंभ मेले में उम्मीद थी कि जलाशय चालू होगा। लेकिन, इसे शुरू नहीं किया गया। जबकि ट्रांसफॉर्मर और बिजली कनेक्शन भी हैं। पार्षद कमलेश तिवारी का आरोप है कि कई बार जल निगम व नगर निगम के अधिकारियों को पत्र लिखा गया, लेकिन इसे चालू नहीं किया गया।
मशीनों में लगी जंग
साढ़े तीन वर्ष पहले बना भूमिगत जलाशय की मशीनों में जंग लग गई है। यहां दो नलकूप लगने थे, पर वह काम भी अभी तक नहीं हुआ। साथ ही जल निगम ने इसे अभी तक नगर निगम को हैंडओवर नहीं किया गया है।
वर्जन
महावीर पार्क में लगे भूमिगत जलाशय के बारे में स्पष्ट तौर पर कोई जानकारी नहीं हैं। अगर यह बनकर तैयार है तो जल्द ही ट्रायल के बाद नगर निगम को हैंडओवर कर दिया जाएगा। अभी तक क्यों नहीं हुआ इस बारे में अधिशासी अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। - संजय गौतम मुख्य अभियंता यूपी जल निगम
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महावीर पार्क में बनकर तैयार भूमिगत जलाशय का मामला संज्ञान में हैं। जल निगम ने अभी नगर निगम हैंडओवर नहीं किया है। हैंडओवर करने के बाद नगर निगम अपने स्तर से पानी की सप्लाई करेगा। - कुमार गौरव महाप्रबंधक जल संस्थान नगर निगम